ज्ञानवापी मामले में सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ने दायर की याचिका

वाराणसी

ज्ञानवापी मामले में पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) आशुतोष तिवारी के आदेश के खिलाफ बुधवार को उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ की ओर से जिला जज ओमप्रकाश त्रिपाठी की अदालत में निगरानी याचिका दायर किया गया। जिला जज ने इस याचिका की ग्राहयता पर सुनवाई के लिए नौ जुलाई की तिथि मुकर्रर की है।

गौरतलब है कि वर्ष 1991 में प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वरनाथ तथा अन्य पक्षकारों ने ज्ञानवापी में ने मंदिर के निर्माण तथा हिंदुओं को पूजा-पाठ करने का अधिकार देने को लेकर मुकदमा दायर किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग से राडार तकनीक से ज्ञानवापी परिसर तथा कथित विवादित स्थल का भौतिक एवं पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की अदालत से अपील की। वादी तथा प्रतिवादी पक्ष की बहसों को सुनने और नजीरों के अवलोकन के बाद आठ अप्रैल 2021 को वाद मित्र की अपील को मंजूर कर ली और पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ की ओर से अधिवक्ता अभय नाथ यादव ने जिला जज की अदालत में निगरानी याचिका दायर की।


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