निशानेबाजी की बची हुई स्पर्धा में बदल सकते हैं हालात : विजय कुमार

shooting

तोक्यो

भारतीय निशानेबाजी दल बेहतरीन तैयारियों के साथ ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लेने के लिए तोक्यो गया था लेकिन ये हम सभी के लिए दुख की बात है कि जब सबसे ज्यादा जरूरत थी तभी हम अपेक्षाओं के अनुसार अपनी योजना को लागू करने में विफल रहे। अब भी कुछ स्पर्धा बाकी हैं और मुझे उम्मीद है कि ये सभी छह निशानेबाज योजना पर अमल कर हालात बदल सकेंगे। मेरी शुभकामनाएं पूरी टीम के साथ हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि मनु भाकर 25 मीटर पिस्टल इवेंट में वापसी कर सकती हैं। अब जबकि वह एक ओलिंपिक के दबाव को समझ चुकी हैं तो उन्हें बेसिक्स पर ध्यान देना होगा और उस पर टिके रहना होगा। मैं कभी भी किसी टूर्नामेंट में दबदबा बनाने के विचार को लेकर नहीं उतरा। बेशक लक्ष्य हमेशा पदक जीतने का होता है, लेकिन उससे भी ज्यादा ध्यान प्रक्रिया पर रहता था ताकि हर शॉट को बेहतर तरीके से ले सकूं। सौरभ चौधरी ने व्यक्तिगत क्वालीफाइंग स्पर्धा में शीर्ष पर रहकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन वो फाइनल में इसे जारी रखने में नाकाम साबित हुए। वह अभी काफी युवा हैं और जल्द ही सीख जाएंगे कि बड़े टूर्नामेंट में दबाव को कैसे काबू किया जाए।


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