बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर नहीं जाएं नेता: पवार

sharad pawar

मुंबई

राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि राज्‍य में आपदा आने के बाद मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पालक मंत्री और विपक्ष के नेता के दौरे लोगों को आश्‍वस्‍त करने के लिए उपयोगी होते हैं। अब स्‍थानीय प्रशासन, स्‍थानीय संगठन और कार्यकर्ता पुनर्वास के कार्य में लगे हैं, इसलिए लोगों से अपील है कि वे बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर जमीन पर काम कर रहे लोगों का ध्यान न भटकाएं।

पवार ने लातूर भूकंप पुनर्वास कार्य की याद दिलाते हुए कहा कि भूकंप के वक्त तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंह राव को वहां का दौरा करना था, लेकिन मैंने उनसे 10 दिन बाद आने का अनुरोध किया। मैंने कहा कि अगर आप आएंगे तो सारा सिस्टम आपके काम में लग जाएगा। मेरे अनुरोध को सुनकर नरसिंह राव दस दिन बाद दौरे पर आए।  

पवार ने कहा कि राज्‍य में इस तरह के संकट आते हैं तो वे दौरे पर जाते हैं, लेकिन इस बार मैंने दौरे पर जाना टाल दिया। राज्यपाल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर गए हैं, मुझे विश्वास है कि वे बाढ़ प्रभावित लोगों को केंद्र सरकार से अधिक से अधिक मदद दिलाने का प्रयास करेंगे। हालांकि अन्‍य लोगों को वहां के दौरे टालने चाहिए।

राहत सामग्री बांटेगा राकांपा वेलफेयर ट्रस्ट  

बाढ़ से बेघर हुए 16 हजार पीड़ितों को राष्ट्रवादी वेलफेयर ट्रस्ट के माध्‍यम से तकरीबन 20 हजार घरेलू बर्तन और सोलापुरी चादर सहित ढ़ाई करोड़ रुपए की सामग्री का वितरण किया जाएगा। इस बात की जानकारी राष्ट्रवादी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने एक प्रेस कांफ्रेंस में दी। पवार ने कहा कि 16 हजार परिवारों को मदद की जरूरत है। डॉक्टर सेल के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र काले की तरफ से डॉक्टरों के 250 दस्‍ते जांच और दवा लेकर प्रभावित इलाकों में दाखिल हो चुके हैं। 20 हजार बिस्कुट और टोस्ट के पैकेट भी वितरित किए जाएंगे।  इसके पहले मुंबई युवक कार्याध्यक्ष नितिन देशमुख की तरफ से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों का इलाज के जाने वाली पांच एंबुलेंस को शरद पवार ने हरी झंडी दिखाई।

दौरा करना जरूरी: फड़नवीस

बाढ़ प्रभावित इलाकों में नेताओं को दौरा न करने की सलाह पर प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि शरद पवार ने जो अपील की है, उसका अर्थ हमें समझना होगा। जो लोग दौरा कर रहे हैं, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि उनके दौरे से सरकारी मशीनरी पर कोई तनाव पैदा न हो। मैं तो विपक्ष का नेता हूं, हम जब जाते हैं तो सरकारी मशीनरी वहां नहीं होती। कारण सरकार ने ऐसा जीआर निकाला है, लेकिन हमें दौरे पर जाने की जरूरत है। हम जाते हैं तो सरकारी मशीनरी जागती है, हमारे जाने से मशीनरी काम पर लगती है। फड़नवीस ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम लोगों को आक्रोश को समझकर उसे सरकार के सामने पेश कर सकते हैं, इसलिए शरद पवार की अपील को इस अर्थ में समझना जाना चाहिए कि आपकी वजह से रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन या राहत कार्य बंद नहीं होना चाहिए। ऐसे में उनका कहना ठीक है, लेकिन विपक्ष के नेता के रूप में मुझे जो दौरे करने हैं, वह अगले तीन दिन में करूंगा।  


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