पहली बार होगी देश में डिजिटल माध्यम से जनगणना


नई दिल्ली

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा को सूचित किया कि देश में पहली बार जनगणना को डिजिटल किया जाएगा बीजेपी सांसद रूपा गांगुली ने राज्यसभा में सवाल किया था जिसके जवाब में नित्यानंद राय ने कहा कि आगामी जनगणना पहली डिजिटल जनगणना होगी और इसमें स्वगणना का भी प्रावधान होगा।

 गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन को यह भी बताया कि कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए जनगणना 2021 और अन्य जनगणना से संबंधित क्षेत्र की गतिविधियों को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। मोबाइल ऐप के जरिए आंकड़ों का संग्रह किया जाने वाला हैं। जनगणना की देखरेख के लिए एक जनगणना पोर्टल और दूसरे जनगणनाओं की निगरानी के लिए संबंधित गतिविधियों को विकसित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना में, जनसांख्यिकी और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक मापदंडों जैसे शिक्षा, एससी / एसटी, धर्म, भाषा, विवाह, प्रजनन क्षमता, विकलांगता, व्यवसाय और व्यक्तियों के प्रवास पर डेटा एकत्र किया जाना है। साथ ही काम या रोजगार और व्यवसाय जैसे प्रवासन के कारणों का डेटा भी एकत्र किया जाएगा। मार्च में केंद्र ने जनगणना को 2 चरणों में आयोजित करने का फैसला लिया था, जिसमे पहले चरण में अप्रैल से सितंबर 2020 तक के दौरान मकान सूचीकरण और आवास जनगणना किया जाना था, तो वहीं दूसरी जनगणना 9 से 28 फरवरी, 2021 के दौरान जनसंख्या गणना होनी थी। कोरोना महामारी की वजह से 2021 की जनगणना को स्थगित कर दिया गया है। आपकों बता दें कि भारत में जनगणना की शुरुआत 1881 में हुई थी। भारत के स्वतंत्र होने के बाद भारत में 1951 से 2011 तक की जनगणना में हुई है। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, तब मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और शरद यादव जैसे बड़े नेताओं ने जाति आधारित जनगणना की मांग की थी। 1931 में आखिरी बार जाति के आधार पर जनगणना हुई थी।


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