देश में इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां

गोयल ने बताया सरकार का प्लान


नई दिल्‍ली

इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने 2023-24 तक इथेनॉल ब्लेंडिंग का टार्गेट 20 फीसदी रखा है, हालांकि लंबी अवधि में सरकार का लक्ष्य 100 फीसदी इथेनॉल पर गाड़ी चलाने का है। गोयल ने कहा कि आने वाले दिनों में बैटरी टेक्नोलॉजी की मांग काफी बढ़ने वाली है। रिन्यूएबल सेक्टर में बहुत ज्यादा विकास होगा जिसके कारण बैटरी इंडस्ट्री भी विकास करेगी।

CII की तरफ से आयोजित आत्मनिर्भर भारत कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि हमारा मकसद रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की है। हम ऐसी टेक्नोलॉजी डेवलप करेंगे जिसकी मदद से पेट्रोल की जगह 100 फीसदी इथेनॉल से ही गाड़ियां चलेंगी। जिनके पास इलेक्ट्रिक कार है उनसे यह अपील है कि वे अपनी कार को सोलर एनर्जी या रिन्यूएबल एनर्जी की मदद से ही रिचार्ज करें। इसके लिए भविष्य में बड़े स्तर पर चार्जिंग स्टेशन का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।

गोयल ने कहा कि 2022 तक रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य 175 गीगावाट रखा गया है, जबकि 2030 तक रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य 450 गीगावाट है। पहले सरकार ने इथेनॉल ब्लेंडिंग का टार्गेट 2022 तक 10 पर्सेंट और 2030 तक 20 फीसदी रखा था। अब इसी लक्ष्य को पांच साल पहले शिफ्ट कर दिया गया है। इस समय देश में पेट्रोल में करीब 8.5 फीसदी इथेनॉल मिलाया जाता है। 2014 में यह महज 1-1.5 फीसदी के बीच था।

भारत रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल को लेकर काफी सजग है और पिछले कुछ सालों में इसमें 250 पर्सेंट की तेजी आई है। भारत दुनिया के उन पांच देशों में शामिल है जहां रिन्यूएबल एनर्जी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है। क्लाइमेट चेंज परफॉर्मेंस इंडेक्स में भी भारत टॉप-10 देशों में शामिल है।


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