महबूबा का 'आतंकी प्रेम' उजागर

कहा- बाप के बुरे काम पर बच्चों को सजा क्यों?

mehbooba mufti

श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों से संबंध रखने के आरोपों के बाद तमाम लोगों को सरकारी नौकरियों से बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्त हुए लोगों पर आतंकवादियों के सहयोगी के रूप में काम करने के आरोप हैं। उनके खिलाफ जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सैयद सलाहुदीन के दो बेटे भी शामिल हैं। कर्मचारियों की इस बर्खास्तगी पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने सवाल उठाए हैं।

सोमवार को इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैं किसी का समर्थन नहीं कर रही, लेकिन आप किसी पिता के किए काम की सजा तब तक उसके बेटे को नहीं दे सकते, जब तक की आपके पास कोई सबूत ना हो। ये सिर्फ 11 कर्मचारियों की बात नहीं है, इन लोगों ने इस साल 20-25 लोगों को नौकरियों से निकाला है।

टेरर फंडिंग में शामिल थे सलाहुद्दीन के बेटे

महबूबा जिन 11 लोगों का अपने बयान में जिक्र कर रही थीं, उनमें सैयद अहमद शकील और शाहिद यूसुफ भी हैं जो हिजबुल चीफ सैयद सलाहुद्दीन के बेटे हैं। जांच में इन दोनों को भी टेरर फंडिंग में शामिल पाया गया है। एनआईए ने अपनी जांच में पाया कि दोनों हिजबुल मुजाहिदीन के लिए पैसा उगाहने, वसूलने, जमा करने और उसे हवाला के जरिए ट्रांसफर करने में शामिल थे।


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