फायर सेफ्टी शुल्क लागू होना तय

मुंबई

फायर सेफ्टी शुल्क के नाम पर लोगों से वसूली होनी तय हो गई है. वर्ष 2014 से लागू शुल्क आखिरकार जनता को भरना निश्चित हो गया है। भाजपा के साथ सत्ताधारी शिवसेना तथा अन्य पार्टियों के विरोध के बावजूद मनपा शुल्क वसूलने के निर्णय पर अडिग है। मनपा प्रशासन ने शुक्रवार को स्थाई समिति सदस्यों को दिए जवाब में कहा है कि यह कानून 2014 से लागू है इसलिए  वसूलना जरूरी है। मनपा प्रशासन ने आम जनता पर भार न पड़ने की जानकारी देते हुए, इसके लिए बिल्डर से पैसा वसूलने की बात कही है. लेकिन प्रशासन यह बताना भूल गया कि जो बिल्डिंगे बन गई हैं और लोग उसमें रहने आ गए हैं उन इमारतों के बिल्डरों से कैसे शुल्क वसूला जाएगा। इसको लेकर भाजपा ने सवाल खड़ा किया था। बता दें कि मनपा प्रशासन ने कोरोना काल में अपनी कमाई बढ़ाने के लिए रोज नए-नए शुल्क वसूलने की तरकीब ढूंढ रही है। मनपा प्रशासन ने अब 2008 में लागू और 2014 में मंजूर किए गए फायर सेफ्टी शुल्क वसूलने का निर्णय लिया है।

भाजपा ने लगाया 5 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप  

भाजपा नगरसेवक ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिख कर  फायर सुरक्षा शुल्क की आड़ में किस तरह भ्रष्टाचार किया जा रहा है, इसकी पूरी जानकरी दी है। उन्होंने किस तरह से यह घोटाला हुआ है और इसमें फायर ब्रिगेड अधिकारियों की किस तरह की मिलीभगत है उसकी भी जानकारी दी है। भाजपा नेता अमित साटम ने कहा कि यह तो शिवसेना द्वारा आगामी चुनावी खर्च वसूल किया जा रहा है।

भाजपा के आरोप के बाद शिवसेना की खुली आंख  

भाजपा द्वारा पांच हजार करोड़ का आरोप लगाने के बाद मनपा की सत्ताधारी शिवसेना सहित कांग्रेस एवं अन्य पार्टियों की आंख खुली थी। शिवसेना की सदन नेता विशाखा राउत ने स्थाई समिति में प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कोरोना काल में लोगो पर बोझ डालने का आरोप लगाते हुए मनपा प्रशासन के निर्णय को तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया था। मनपा प्रशासन ने शिवसेना की बात को भी अनदेखी करते हुए फायर शुल्क वसूलने का निर्णय लिया है। मनपा प्रशासन की ओर से इस तरह की जानकारी शुक्रवार को स्थाई समिति में दिए गए जवाब में दी गई है।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget