पहली बार मनपा से भाजपा का कोई विधान परिषद सदस्य होगा

मुंबई

विधानपरिषद के लिए मनपा से चुने जाने वाले दो सदस्यों का कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो रहा है। पिछली बार मनपा से कांग्रेस के भाई जगताप और शिवसेना से रामदास कदम सदस्य बनाए गए थे। इस बार मनपा में कांग्रेसी नगरसेवकों की घटी संख्या से भाई जगताप का इस बार मनपा से विधानपरिषद में जाने का रास्ता नहीं  मिल पाएगा। मनपा से पहली बार भाजपा का कोई विधानपरिषद सदस्य बनेगा यह निश्चित है, जबकि एक सदस्य शिवसेना का बनेगा। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अकेले दम पर मनपा चुनाव लड़े, यह विचार मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप की भी है। मनपा चुनाव अगले साल फरवरी में होना है। मनपा के 227 सदस्यों के कारण राज्य विधानपरिषद में दो सदस्य नगरसेवकों द्वारा चुनकर जाते हैं। 2019 में हुए विधानसभा चुनाव के पहले शिवसेना-भाजपा भले ही अलग-अलग चुनाव लड़ा लेकिन गठबंधन में कही न कही बने रहे। मनपा के 2017 के चुनाव में भी भाजपा और शिवसेना ने अलग अलग चुनाव लड़ा, जिसका फायदा अब भाजपा को मिल रहा है।विधानपरिषद सदस्य के लिए मनपा के 77 नागरसेवकों का पहला वोट चाहिए रहता है। भाजपा की मनपा में पहली बार सदस्य संख्या 2017 के चुनाव में 83 पहुंची, जिसके चलते भाजपा का कोई नेता मनपा से विधान परिषद में जा सकता है। शिवसेना का भी एक सदस्य विधान परिषद में जाना तय है।


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