बाढ़ पीड़ितों को राहत राशि बंटनी शुरू: अजित पवार

कम नहीं पड़ने दी जाएगी निधि     वीवीआईपी जाने से प्रभावित होगा राहत कार्य

ajit pawar

मुंबई

राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि संकट में फंसे बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत राशि बांटने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। पवार ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत देने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बुधवार को कैबिनेट बैठक हुई, इसमें राहत राशि वितरण का फैसला हुआ।

उन्होंने कहा कि जिन-जिन जिलों के कलेक्टरों को कार्यों के लिए जितनी रकम खर्च करनी पड़ेगी, वह रकम खर्च करने के पूर्ण अधिकार उन्हें दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज भी कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरा है, ऐसे में पंचनामा करने में दिक्कत हो रही है, पानी कम होने पर उन इलाकों में खेती और फसल की क्या स्थिति है? यह बात पता चलेगी। ऐसे में जहां पानी उतर गया है, वहां पंचनामे शुरु किए गए हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सभी को मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को वहां काम में लगे जिला अधिकारी और बाकी टीम को काम करने की सुविधा प्रदान करे। अलग-अलग नेताओं को निरीक्षण का अधिकार है। जानकारी देने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि वीवीआईपी, वीआईपी वहां गए तो उनका अनुसरण काम में लगी टीम करेगी और काम प्रभावित होगा। अजित पवार ने कहा कि मौसम विभाग ने अभी भी रेड और ऑरेंट अलर्ट घोषित किया है। प्रकृति में बदलाव में बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। ग्लोबल वार्मिंग के कारण यहां ऐसा तो नहीं हो रहा है। उत्तराखंड में भी ऐसा हो रहा है। यहां तक कि चीन और जर्मनी जैसे देशों में भी हो रहा है। अजित पवार ने कहा कि इस बारे में सभी को सोचना चाहिए। इस बीच कैबिनेट में इस मामले पर चर्चा हुई। क्या भूविज्ञान में कोई बदलाव आया है? उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने यह भी कहा कि विशेषज्ञों की एक समिति इस बात का अध्ययन करने के लिए नियुक्त की जाएगी कि मौके पर कोई खुदाई या पेड़ की कटाई क्यों नहीं हुई।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget