जिला परिषद- पंचायत समितियों के उपचुनाव स्थगित

राज्य चुनाव आयोग ने माना सरकार का अनुरोध  


मुंबई 

राज्य चुनाव आयोग ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर और डेल्टा प्लस वैरिएंट से बड़े पैमाने पर होने वाले संक्रमण के खतरे को देखते हुए राज्य की पांच जिला परिषद और उनके अंतर्गत आने वाली 33 पंचायत समितियों में रिक्त पदों पर होने वाले उपचुनाव को स्थगित कर दिए हैं। इस बात की जानकारी राज्य चुनाव आयुक्त यूएस मदान ने दी। मदान ने कहा कि धुले, नंदुरबार, अकोला, वाशिम और नागपुर जिला परिषदों में 70 चुनाव विभाग और 33 पंचायत समितियों के 130 निर्वाचक गणों में उपचुनाव के लिए 19 जुलाई को मतदान होना था, लेकिन 7 जुलाई को राज्य सरकार ने कोविड-19 की पृष्ठभूमि के चलते उपचुनाव स्थगित करने का अनुरोध राज्य चुनाव आयोग से किया था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 6 जुलाई के आदेश और राज्य सरकार के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए राज्य चुनाव आयोग ने शासन से कोविड-19 के बारे में अधिक जानकारी और जिला कलेक्टरों से रिपोर्ट मांगी थी। इस आधार पर आयोग ने चुनाव जिस चरण में है, उसी चरण में स्थगित कर दिए। इस वजह से उपचुनाव के लिए लागू आचार संहिता अब शिथिल हो गई है। मदान ने कहा कि कोविड की स्थिति में सुधार होने पर उपचुनाव के बाकी के चरण पूरे होंगे और इस बारे में राज्य चुनाव आयोग की तरफ से घोषणा की जाएगी।

भाजपा ने की थी चुनाव स्थगित करने की मांग

भाजपा ने जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव स्थगित करने की मांग की थी। राज्य के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इस संबंध में राज्य चुनाव आयुक्त यूपीएस मदान से मुलाकात की थी। उनका कहना था कि यदि चुनाव होते हैं, तो यह ओबीसी को उनके प्रतिनिधित्व से वंचित कर देगा, क्योंकि उनके लिए कोई कोटा नहीं है। ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण को लेकर पार्टी ने राज्य भर में चक्काजाम और जेल भरो आंदोलन किया था।


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