कातिल कोरोना की वापसी, भारत अलर्ट

'पाप' होगा पूरी तरह लॉकडाउन हटाना


नई दिल्ली/लंदन

ब्रिटेन इस समय कोरोना महामारी की तीसरी लहर की चपेट में है। 51,870 नए केस आने के साथ ही छह महीने पुराना रेकॉर्ड टूट चुका है। जनवरी के बाद पहली बार ब्रिटेन में 50 हजार से ज्यादा केस आए हैं, वह भी तब जब करीब 68 प्रतिशत आबादी पूरी तरह वैक्सीनेट हो चुकी है या फिर टीके की कम से कम एक डोज ले चुकी है। जिस तेजी से हालात बिगड़ रहे हैं, उसे देखते हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी दी है कि सरकार को फिर से लॉकडाउन लगाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं 1200 से ज्यादा एक्सपर्ट्स ने सरकार को चेताया है कि लॉकडाउन से जुड़ी पाबंदियों को पूरी तरह हटाना 'खतरनाक और अनैतिक' होगा।

19 जुलाई से प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने से पहले बढ़ी टेंशन

ब्रिटेन 19 जुलाई से सभी तरह की पाबंदियों को हटाने की तैयारी कर रहा है। उससे ठीक पहले कोरोना के मामलों में जिस तेजी से उछाल देखने को मिल रही है, उससे सरकार की चिंता बढ़ गई है। इस बीच ब्रिटेन के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जेरेमी हंट ने चेतावनी दी है कि सरकार को फिर लॉकडाउन लगाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। कॉमंस हेल्थ ऐंड सोशल केयर कमिटी के चेयरमैन हंट ने एक कार्यक्रम में तीसरी लहर की भयावहता को बयां किया। उन्होंने कहा कि कोरोना से अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या हर दो हफ्ते में दोगुनी हो रही हैं। स्थिति बहुत ही खतरनाक है।

भारत के लिए भी खतरे की घंटी !

ब्रिटेन की करीब 68 प्रतिशत आबादी या तो पूरी तरह या फिर आंशिक तौर पर वैक्सीनेट हो चुकी है। इसके बावजूद रिकॉर्ड संख्या में नए केस का मतलब है कि डेल्टा वैरिएंट वैक्सीन से पैदा होने वाली इम्युनिटी को चकमा दे रहा है। यह ब्रिटेन के साथ-साथ भारत के लिए भी चिंता बढ़ाने वाली बात है। ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है। भारत में भी सबसे ज्यादा उसी वैक्सीन का इस्तेमाल हो रहा है जिसे पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया कोविशील्ड के नाम से बना रही है।

केरल में कोरोना विस्फोट

केरल में कोरोना वायरस के मामलों में कमी आती नहीं दिख रही है। शनिवार को राज्य में कोरोना के 16 हजार से अधिक मरीज सामने आए, जबकि 100 से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक केरल में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 16,148 नए मामले आए हैं, जो कि बीते एक महीने में सबसे ज्यादा हैं। इस दौरान 13,197 कोरोना मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिली। 

पॉजिटिव मरीजों में बढ़ रहे टीबी के केस

देश में कोरोना के मामलों में खासी कमी आई है, लेकिन इससे संक्रमित लोगों को कई तरह की अन्य मेडिकल समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए यह बताया गया कि हाल ही में कोरोना से संक्रमित मरीजों में तपेदिक (टीबी) के मामलों में अचानक वृद्धि देखी गई है, जिससे रोजाना करीब दर्जनभर इसी तरह के मामले सामने आने से डॉक्टर भी चिंतित हैं। यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय  द्वारा सभी कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए टीबी  की जांच और सभी डायग्नोस्ड किए गए टीबी मरीजों के लिए कोविड जांच की सिफारिश की गई है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे अगस्त 2020 तक बेहतर निगरानी और टीबी तथा कोविड-19 के मामलों का पता लगाने के प्रयासों में एकरुपता लाएं।


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