भारत के पास इंग्लैंड को उसकी मांद में हराने का मौका

भारत-इंग्‍लैंड के बीच टेस्ट सीरीज से पहले बोले चैपल

Ian chappell

नई दिल्ली

ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी इयान चैपल को लगता है कि शानदार तेज गेंदबाजी आक्रमण के चलते भारत के पास आगामी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड को उसकी सरजमीं पर हराने का बराबरी का मौका है। उन्होंने कहा कि भले ही भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड से विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल गंवा दिया हो, लेकिन उसकी तेज गेंदबाजी हाल के सालों में काफी बेहतरीन हुई है, जिससे वह बीते समय की वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलियाई टीम जैसी दिखती है। चैपल ने ‘ईएसपीएन क्रिकइंफो’ में अपने कॉलम में लिखा, ‘हाल के सालों में भारतीय टीम तेज गेंदबाजी करने वाली कुशल टीमों की श्रेणी में शामिल हो गई है। इसके परिणाम स्वरूप ही उसने ऑस्ट्रेलिया में जीत का स्वाद चखा और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंची। और अब उसके पास इंग्लैंड को उसकी ही मांद में हराने का बराबरी का मौका है। अच्छी तेज गेंदबाजी इकाई के निश्चित रूप से अपने ही फायदे हैं।’ पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का मानना है कि भारत के लिए मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे तेज गेंदबाजों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने साथ ही न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों की भी प्रशंसा की और उन्हें वेस्ट इंडीज की 1970 से 90 के दशक की गेंदबाजी चौकड़ी के समान निर्भीक करार दिया। चैपल ने कहा, ‘न्यूजीलैंड की विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में टिम साउदी, ट्रेंट बोल्ट, नील वैगनर और काइल जैमीसन की तेज गेंदबाजी चौकड़ी ने जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। न्यूजीलैंड के आक्रमण का प्रभाव ऐसा था कि इसकी तुलना वेस्टइंडीज की 1970 से 1990 दशक की तेज गेंदबाजी चौकड़ी से होने लगी।’

न्यूजीलैंड की गेंदबाजी वेस्टइंडीज से बेहतर

चैपल का मानना है कि न्यूजीलैंड की वर्तमान टीम ने अपने तेज गेंदबाजों के दम पर जो नतीजे हासिल किए हैं वे क्लाइव लॉयड की कप्तानी वाली वेस्टइंडीज टीम से भी बेहतर हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे हिसाब से उस समय एंडी रॉबर्ट्स, मेल्कम मार्शल, माइकल होल्डिंग और जोएल गार्नर की चौकड़ी सबसे डरावनी थी। यदि आप स्पीड की बात करते हैं तो वेस्ट इंडीज की चौकड़ी आराम से जीत जाएगी। हालांकि अगर आप नतीजों के हिसाब से देखेंगे तो न्यूजीलैंड के गेंदबाज विजेता रहेंगे। ये पांच मैच में साथ खेले हैं और 100 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड है। वेस्टइंडीज की चौकड़ी केवल छह मैच में ही साथ खेली थी और इनमें से तीन मैच ड्रॉ रहे थे।’


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