मुख्यमंत्री ने की भगवान विट्ठल की महापूजा

कोरोना संकट हरने, पंढरपुर में भक्ति का सागर भरने की प्रार्थना की


मुंबई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर मंगलवार सुबह पत्नी रश्मि ठाकरे के साथ पंढरपुर स्थित श्री विट्ठल-रुक्मिणी की आधिकारिक महापूजा की। मुख्यमंत्री ने भगवान के श्रीचरणों में लोगों को सुखी और स्वस्थ जीवन देने, कोरोना संकट को खत्म करने की प्रार्थना की ताकि पंढरपुर में फिर से भक्ति का सागर भर सके। इस मौके पर  श्री विट्ठल-रुक्मणी मंदिर समिति की ओर से मुख्यमंत्री का सपत्नीक सत्कार  किया गया।   इस शासकीय महापूजा के अवसर पर पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, पालक मंत्री दत्तात्रेय भरणे सहित अन्य लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भगवा झंड़ा लिए और वारकरियों से भरापूरा पंढरपुर देखना चाहते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में एक पौधा भी लगाया। वारकारी विणेकरी केशव शिवदास कोलते का मुख्यमंत्री ठाकरे ने सत्कार किया तथा रश्मि ठाकरे ने इंदुबाई केशव कोलते का सत्कार किया। उन्हें एसटी महामंडल की तरफ से मानाचे वारकरी के रूप में एक साल का मुफ्त बस पास दिया गया गया।  महापूजा के बाद मुख्यमंत्री ठाकरे ने विट्ठल-रुक्मिणी के चित्र का अनावरण किया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति इस विरासत को एक किताब के रूप में सहेज कर दुनिया को सौंपे।

बता दें कि सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मुंबई से सोलापुर जिले के पंढरपुर के लिए सड़क मार्ग से रवाना हुए। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के बीच ठाकरे, निजी वाहन खुद चलाकर मुंबई से 360 किलोमीटर दूर पंढरपुर के लिए निकले थे। 

महाराष्ट्र में आषाढ़ी एकादशी पर मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी द्वारा महापूजा में शामिल होने की लंबी परंपरा रही है।  एकादशी को ‘वारी’ तीर्थ यात्रा का समापन होता है जिसमें श्रद्धालु पैदल पंढरपुर की यात्रा करते हैं। हालांकि, पिछले साल और इस बार भी कोविड-19 महामारी के कारण राज्य सरकार ने पैदल तीर्थयात्रा करने की अनुमति नहीं दी है।  


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