'जासूसी' पर जुबानी जंग

लोकतंत्र की छवि खराब करने को सनसनी, कोई दम नहींः अश्विनी वैष्णव


नई दिल्ली

पेगासस जासूसी के कथित दावे को लेकर मचे हंगामे पर सरकार और विपक्ष में जुबानी जंग तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से कांग्रेस के तमाम नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाए तो सरकार के दिग्गज मंत्रियों ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उसे महज सनसनी फैलाने का असफल प्रयास करार दिया।  

सोमवार को संसद में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार का पक्ष रहा। हमारे कानूनों और मजबूत संस्थानों में जांच और संतुलन के साथ किसी भी प्रकार की अवैध निगरानी संभव नहीं है। आईटी मंत्री ने कहा कि जब हम इस मुद्दे को तर्क के चश्मे से देखते हैं, तो यह स्पष्ट रूप से सामने आता है कि इस सनसनीखेज के पीछे कोई दम नहीं। 

रविवार को कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि इजरायली कंपनी एनएसओ के पेगासस सॉफ्टवेयर से भारत में कथित तौर पर 300 से ज्यादा प्रमाणित फोन नंबर हैक किए गए। इनमें दो मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों, तीन विपक्षी नेताओं, 40 से ज्यादा पत्रकारों, एक पूर्व न्यायाधीश और सुरक्षा एजेंसियों के पूर्व तथा वर्तमान प्रमुखों के अलावा कई उद्योगपतियों व कार्यकर्ताओं के फोन नंबर शामिल हैं।

आईटी मंत्री वैष्णव ने कहा कि पहले भी पेगासस के इस्तेमाल को लेकर इसी तरह के दावे किए गए थे। उन रिपोर्टों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं था और सुप्रीम कोर्ट सहित सभी पक्षों द्वारा स्पष्ट रूप से इनकार किया गया था। 

पलटवारः कांग्रेस के पास सबूत नहीं

पूर्व संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पेगासस जासूसी मामले को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर केंद्र सरकार का जोरदार ढंग से बचाव किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का तो इतिहास ही जासूसी का रहा है।  यह देश विरोधी एजेंडा चलाने वालों की साजिश है।  भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि  कांग्रेस जासूसी के सबूत नहीं दे पाई है, उसने राजनीतिक शिष्टाचार से परे जाकर आरोप लगाए हैं।  

प्रसाद ने पूछा कि इस महत्वपूर्ण मौके पर इस तरह के सवाल क्यों उठाए जा रहे है? ट्रंप के भारत दौरे के वक्त दंगे भड़काए गए, पेगासस की खबर 2019 के चुनाव के वक्त फैलाई गई और अब एक बार फिर जब संसद का सत्र शुरू हुआ है तो यह मामला उठाया गया। 

एमनेस्टी का भारत विरोधी एजेंडा

पूर्व मंत्री प्रसाद ने कहा कि पेगासस मामले से भाजपा या भारत सरकार के संपर्क का एक भी सबूत पेश नहीं किया गया है।  उन्होंने सवाल किया कि क्या हम इस बात से इंकार कर सकते हैं कि एमनेस्टी इंटरनेशनल का कई मामलों में भारत विरोधी एजेंडा रहा है? जब आप उनसे उनकी फंडिंग के स्रोत पूछो तो वे कहने लगते हैं कि भारत में काम करना मुश्किल है। 

प्रसाद ने कहा कि नया बखेड़ा खड़ा करने के लिए पेगासस की खबर ब्रेक की गई। आनलाइन पोर्टल द वायर का भी नाम आया। प्रसाद ने कहा कि क्या यह सच नहीं है कि उनकी कई स्टोरी गलत पाई गईं हैं।  यह बहुत विकट बात है, कंपनी (एनएसओ समूह) पेगासस रिपोर्ट से इंकार कर रही है और कह रही है कि उसके उत्पाद पश्चिम देशों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, लेकिन भारत को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पेगासस रिपोर्ट जारी की है वे खुद यह दावा नहीं कर रहे हैं कि डाटाबेस में शामिल नंबर पेगासस से जुड़ा था या नहीं।

फोन टैपिंग मामले में राहुल गांधी,प्रियंका गांधी, शशि थरूर और रणदीप सुरजेवाला जैसे कांग्रेसी नेता पीएम की जांच और गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करने लगे हैं। 

साजिशों से नहीं रुकेगी विकास...

विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार को संसद में अपने नए कैबिनेट सहयोगियों को पेश करने की अनुमति नहीं देने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमित शाह ने कहा कि ऐसी ताकतें हैं जो भारत की प्रगति को पचा नहीं पा रही हैं। अमित शाह ने कहा, “भारत के लोगों को मौजूदा मानसून सत्र से बहुत उम्मीदें हैं। किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण विधेयक बहस और चर्चा के लिए तैयार हैं।''

अमित शाह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि पार्टी के पास 'लोकतंत्र को कुचलने का अच्छा अनुभव है और अपने स्वयं के घर के क्र

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