नवजात का वजन संतुलित रखें


स्तनपान है ज़रूरी : नवजात बच्चों के लिए मां का दूध ही सबसे हेल्दी होता है और उन्हें सारे पोषक तत्व इसी से मिलते हैं। कुछ महिलाएं ऑफिस जाने के कारण बच्चे को स्तनपान नहीं करा पाती और फॉर्मूला मिल्क देती हैं, जिससे बच्चे का पेट तो भर जाता है लेकिन मां के दूध जितना पोषण नहीं मिल पाता। जबकि स्तनपान में ़ज्यादा दूध पिलाना संभव ही नहीं है क्योंकि पेटभर जाने पर बच्चा खुद ही दूध पीना छोड़ा देता है यानी बच्चों के संतुलित वज़न के लिए ब्रेस्टफीडिंग बहुत ज़रूरी है।

हर बार रोने पर दूध न पिलाएं : नवजात शिशु का रोना सामान्य बात है। हर बार वह भूख लगने की वजह से ही रोते है ऐसा ज़रूरी नहीं है। कभी कुछ असहज महसूस करने या डर जाने पर भी रोने लगते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कई महिलाएं जैसे ही बच्चा रोता है तुरंत दूध पिलाने लगती है जिससे कई बार वह ओवरफीडिंग करा देती हैं जो बच्चे की सेहत के लिए ठीक नहीं है ठीक वैसे ही जैसे भूख से अधिक खाना आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं होता है।

हेल्दी फूड दें : हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाए और आप उन्हें सॉलिड फूड देने लगें तो कोशिश करें कि बच्चे को फल, सब्जि़यों, साबुत अनाज और दाल आदि से हल्की-फुल्की चीज़ें बनाकर खिलाएं। हर दिन अलग-अलग तरह की चीज़ें दें जिससे बच्चे को सारे पोषक तत्व मिलते रहेंगे और उनका वज़न स्वस्थ तरीके से बढ़ेगा।

जबर्दस्ती न खिलाएं : यदि बच्चा खाना खाने लगा है तो कभी भी उसे जबरन न खिलाएं। उसे जितनी भूख होगा खा लेगा। हां, यदि डॉक्टर बोलता है कि आपके बच्चे का वज़न कम है तो आप उन्हें बहलाकर खिला सकती हैं।


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