दो एंटीबॉडी से कोरोना मरीजों का होगा इलाज

मनपा ने शुरू की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी  |  200 मरीजों पर हुआ सफल परीक्षण

corona test

मुंबई 

अगस्त में कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना जताई जा रही है। तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए मनपा ने अपनी तैयारी की शुरुआत पहले से ही शुरू कर दी थी। मनपा ने कोरोना से निपटने के लिए कॉसिरिव्हीमॉब और इमड़ेव्हीमॉब नामक दो एंटीबॉडी के मिश्रण का मरीजों पर किया परीक्षण किया, जिसमें मनपा को भारी सफलता हासिल हुई है। मनपा का मानना है कि इस सफल परीक्षण से कोरोना की तीसरी लहर से निपटने में आसानी होगी। मरीजों का सफल ईलाज होगा और मृत्यु दर पर अंकुश लगाने में सफलता हासिल होगी।

मनपा प्रशासन ने बताया कि सेवन हिल अस्पताल में कोरोना के संक्रमित 200 मरीजों पर एंटीबॉडी दवाओं का प्रयोग किया गया। दोनों एंटीबॉडी दवाओं का उपयोग करने से 200 मरीजों में मात्र एक मरीज को ही ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ी। शरीर में ऑक्सीजन की कमी न होना कोरोना में सबसे बड़ा सफल इलाज है।  कॉसिरिव्हीमॉब और इमड़ेव्हीमॉब, दोनों एंटीबॉडी से किए गए इलाज से मरीजों में 70 प्रतिशत मृत्यु दर घटी है, जिसके लिए चौदह दिन का समय लगता है। इस प्रयोग से मरीज छह दिन में ठीक हो कर घर जाने लगे। उल्लेखनीय है कि दोनों एंटीबॉडी का प्रयोग का निर्णय मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल, मनपा अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी और राज्य के परिवार कल्याण आयुक्त रामास्वामी की देखरेख में किया गया।

अमेरिका में पहले से चल रहा है प्रयोग

कोरोना पीड़ित मरीजों पर दोनों एंटीबॉडी का उपयोग कर सफल इलाज अमरीका में नवंबर 2020 से चल रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कोरोना संक्रमित होने पर इसी पद्धति से इलाज किया गया था। भारत में 10 मई को सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन में इस दवा को शामिल कर इसके प्रयोग को ड्रग कंट्रोल जर्नल ऑफ इंडिया ने मान्यता दी। मनपा के सेवन  हिल अस्पताल में 199 मरीजों में कुछ को मामूली तो कुछ को अति तीव्र कोरोना के लक्षण थे। जब उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था तो इनमें चार मरीज तो ऑक्सीजन पर थे। इन सभी का एंटीबॉडी से सफल इलाज हुआ। अब तक 212 कोरोना मरीजों को यह दवा सलाइन द्वारा दी गई, जिनमें से 199 मरीजों का सफल इलाज किया गया। इन 199 मरीजों में से 18 से 45 वर्ष के उम्र के 101, 45 से 59 वर्ष की उम्र के 45 मरीजों व 60 वर्ष से अधिक उम्र के 53 मरीजों का समावेश है। 199 मरीजों में से 74 को कई अन्य बीमारियां थीं। जब 199 का उपचार शुरू किया गया तो उसमें से 179 को बुखार, 158 को बुखार के साथ खांसी थी। 4 मरीजों को ऑक्सीजन दिया जा रहा था। मरीजों का एचआरसीटी स्कोर 25 से 11 था। एंटीबॉडीज कॉकटेल देने के 48 घंटे बाद मरीजों को बुखार आना बंद हो गया। 

199 में से सिर्फ एक व्यक्ति को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। मनपा के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि रेमडेसिविर व स्टेरॉयड जैसी दवाओं का इस्तेमाल कम करके एंटीबॉडीज़ कॉकटेल देना ज्यादा आसान और कारगर होगा। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए एंटीबॉडीज कॉकटेल का प्रयोग सफल साबित हुआ है।


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