फ्रंट लाइन वर्कर में शमिल हुए बेस्ट कर्मचारी

मुंबई

कोरोना की शुरुआत के समय से ही लोगों को यात्रा की सुविधा देने वाले बेस्ट कर्मचारियों को राहत भरी खबर मिली है। बेस्ट कर्मचारियों को भी अब फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में शामिल करते हुए कोरोना काल में अपनी सेवा देते हुए कोरोना महामारी से अपनी जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों को मनपा की ओर से 50 लाख रुपए की सहायता राशि देने का निर्णय पिछले वर्ष मार्च महीने से लगे लॉकडाउन के समय बेस्ट कर्मचारियों कोरोना के अन्य योद्धाओं के साथ कदम से कदम मिला कर अपनी सेवाएं दे रहे थे। कोरोना से लड़ाई में बेस्ट को अपने 100 कर्मचारियों को खोना पड़ा है।

कोरोना से मृत्यु होने पर बेस्ट ने भी कर्मचारियों के वारिस को 50 लाख रुपए देने की घोषणा की थी। उस घोषणा के अनुरूप बेस्ट प्रशासन ने अपने कर्मचारियों को 50 लाख रुपए देने की तैयारी दिखाई है। मार्च 2020 से 30 जून 2021 तक बेस्ट के 3,482 यात्री कोरोना संक्रमित हुए थे, जिसमें से 3,358 यानी 96% कर्मचारी कोरोना को मात दिए हैं। अभी13 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हैं जिनका इलाज चल रहा है। दो कर्मचारी ऑक्सीजन पर हैं। दूसरी लहर में 570 कर्मचारियों को कोरोना हुआ था, जबकि पहली लहर में 2,912 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुए थे। पिछले वर्ष लॉकडाउन के बाद लोकल ट्रेनों को बंद कर दिया गया था। अत्यावश्यक सेवा के कर्मचारियों को ड्यूटी पर पहुंचाने की जिम्मेदारी बेस्ट परिवहन को सौंपी गई थी। मुंबई सहित एमएमआर में रहने वाले कोरोना योद्धाओं को उनके घर से लाने और पहुंचाने का काम बेस्ट कर रही थी। लॉकडाउन में छूट देने के बाद आम यात्रियों को बस में यात्रा करने की छूट दी गई थी। इस दौरान बेस्ट पहली लाइफ लाइन बन गई थी। अब भी बेस्ट रोजाना 25 लाख यात्रियों को आवागमन की सुविधा दे रही है। भाजपा ने बेस्ट कर्मचारियों को आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी। बेस्ट समिति सदस्य सुनील गणाचार्य ने बेस्ट समिति में बेस्ट कर्मचारियों की कोरोना कल में डयूटी करते हुए और लोगों को सेवा देते हुए कोरोना संक्रमण से मृत  हो जाने पर परिजनों को 50 लाख की सहायता राशि देने की गुहार लगाई थी।


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