विधान भवन में चली समानांतर विधानसभा

भाजपा ने किया 12 विधायकों के निलंबन का विरोध  |  सरकार के खिलाफ पेश किया गया प्रस्ताव


मुंबई 

मंगलवार को मानसून सत्र के आखिरी दिन विधानभवन परिसर में अलग ही नजारा देखने को मिला। 12 विधायकों के निलंबन के विरोध में भाजपा विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया और विधानसभा परिसर में समानांतर विधानसभा चलाई। विधानभवन की सीढ़ियों पर समानांतर विधानसभा चली, लेकिन सुरक्षाकर्मियों के ऐतराज के बाद इसे हटाकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कैमरों के सामने ले जाया गया। भाजपा ने इस समानांतर विधानसभा का अध्यक्ष वरिष्ठ विधायक कालिदास कोलंबकर को बनाया। देवेंद्र फड़नवीस ने 12 विधायकों के निलंबन के विरोध में धिक्कार प्रस्ताव पेश किया, जिसे सभी सदस्यों ने एकमत से मंजूर कर लिया। विधायकों के निलंबन का विरोध करते हुए भाजपा सदस्यों ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान फड़नवीस ने राज्य सरकार पर चौतरफा हमले किए। पहले यह समानांतर विधानसभा विधानभवन की सीढ़ियों पर चली, लेकिन सुरक्षाकर्मियों के मना करने पर विपक्षी सदस्यों से उनकी कहा-सुनी भी हुई। समानांतर विधानसभा की कार्यवाही तकरीबन 5 घंटे चली, जिसमें सरकार के खिलाफ कई नेताओं ने भाषण दिए। 

अहंकार में चूर सरकार: फड़नवीस

इधर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने महाविकास आघाड़ी सरकार की तुलना कौरवों से की। उन्होंने कहा कि राज्य में कौरव-पांडव की लड़ाई शुरू है। उन्होंने कहा कि अहंकार में चूर सरकार को विपक्ष दिखाई ही नहीं दे रहा है। 

फड़नवीस ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब विवाद होने पर खुद विपक्ष से बात करते थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने केंद्र के कृषि कानून के विरोध में प्रस्ताव पास नहीं किया है, इसमें कानून को लेकर केंद्र को सूचना देने की बात की गई है।  पूर्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने समानांतर विधानसभा में कहा कि इस सरकार को लोकतंत्र के मंदिर में विपक्ष की कोई आवश्यकता नहीं है। यह सरकार विपक्ष को दबाने का काम कर रही है, जिसका हम विरोध करते हैं।

 


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