मोदी का मेगा कैबिनेट विस्तार


नई दिल्ली

भारत के इतिहास में पहली बार सबसे बड़ा कैबिनेट विस्तार किया गया। बुधवार शाम 6 बजे सर्वार्थ सिद्धि योग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के 43 मंत्रियों ने शपथ ली। उस मुहूर्त में, जिसमें किए सभी काम सफल होते हैं। डेढ़ घंटे चले शपथ ग्रहण में 36 नए मंत्रियों ने शपथ ली। नए मंत्रियों में सबसे ज्यादा 7 उत्तर प्रदेश और फिर 3 गुजरात से हैं। दोनों ही राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। मौजूदा मंत्रियों में से 7 को प्रमोट किया गया है। नारायण राणे, सर्बानंद सोनोवाल के अलावा मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीरेंद्र कुमार समेत 15 ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली। मोदी के 8 साल के शासन में इस बार सबसे ज्यादा मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया गया।

बुधवार को 28 राज्यमंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें 7 महिलाएं हैं। 2014 में मोदी के पहले मंत्रिमंडल में 7 और दूसरी बार 2019 में 6 महिला मंत्री थीं।

नए मंत्रियों को 15 अगस्त तक दिल्ली में ही रहने का निर्देश

शपथ के बाद सभी मंत्रियों को कहा गया है कि 15 अगस्त तक दिल्ली में ही रहें । मानसून सत्र के दौरान संसद में ही मंत्रालय से संबंधित काम-काज करें और सांसदों से मुलाकात के लिए निश्चित समय तय करें । संसद में अपनी रोस्टर ड्यूटी के समय सदन  में जरूर मौजूद रहें। आज शाम 5 बजे सभी नए मंत्रियों की बैठक बुलाई गई है।

नियमों के मुताबिक, मोदी मंत्रिमंडल में अधिकतम 81 मंत्री रह सकते हैं। अभी मंत्रिमंडल में कुल 53 मंत्री थे। इस लिहाज से 28 मंत्रियों के शामिल होने की गुंजाइश थी। 12 मौजूदा मंत्रियों के इस्तीफे के बाद जिन 43 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, उनमें कुछ मौजूदा राज्यमंत्री भी हैं, जिन्हें कैबिनेट में प्रमोट किया गया है। 

यूपी से सात तो महाराष्ट्र से चार मंत्री बनाए गए हैं। महाराष्ट्र नारायण राणे, कपिल पाटिल, भागवत कराड और भारती पवार हैं। 

जातिगत गणित 

आठ राज्यों से दलित मंत्री, आठ आदिवासी मंत्री, 27 ओबीसी मंत्री, पांच अल्पसंख्यक मंत्री बने हैं। 

युवा कैबिनेटः विस्तार से पहले मोदी कैबिनेट की औसत उम्र 61 साल थी जो अब घटकर 58 हो गई है। 

युवा टैलेंटः 14 मंत्री 50 साल से कम उम्र के हैं। इनमें से 6 को कैबिनेट का दर्जा दिया गया है।

अनुभव: 46 मंत्री ऐसे हैं जो पहले केंद्र में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 23 मंत्री कम से कम तीन बार सदस्य रहकर कम से कम 10 साल तक संसदीय कामकाज का अनुभव रखते हैं। 

राज्यों में सरकार चलाने का अनुभव

4 पूर्व मुख्यमंत्री।

18 ऐसे मंत्री जो राज्यों में मंत्री पद संभाल चुके हैं।

39 पूर्व विधायक हैं जो राज्य में विधायी कामकाज देख चुके हैं।

शपथ से पहले मोदी-शाह ने ली क्लास

शपथ से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए बनने वाले मंत्रियों के साथ बैठक की। मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष मौजूद थे।

ये बने राज्य मंत्री

पंकज चौधरी, अनुप्रिया पटेल, सत्यपाल सिंह बघेल, राजीव चंद्रशेखर, शोभा करंदलाजे, भानुप्रताप सिंह वर्मा, दर्शन विक्रम जरदोश, मीनाक्षी लेखी,  अन्नपूर्णा देवी,  ए. नारायणस्वामी,  कौशल किशोर, अजय भट्ट,  बी एल वर्मा, अजय कुमार, चौहान देवुसिंह , भगवंत खुबा, कपिल मोरेश्वर पाटिल, प्रतिमा भौमिक, सुभाष सरकार,  भागवत कृष्णराव कराड, राजकुमार रंजन सिंह,  भारती पवार, बिश्वेश्वर टुडू, शांतनु ठाकुर, एल मुरुगन, मुंजापारा महेंद्रभाई, जॉन बार्ला।


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