EPFO में मां-बाप को भी मिलेगा पेंशन

 

नई दिल्ली

कोरोना महामारी की वजह से कई परिवारों ने वित्तीय संकट का सामना किया। बहुत से लोगों ने इस दौरान अपनों को खोया। ऐसे बुजुर्ग माता-पिता जिन्होंने ने अपने नौकरी पेशा बेटे और बेटियों को इस महामारी में खोया है, उन्हें EPFO के जरिए आजीवन पेंशन मिलेगी। इस पेंशन सहायता स्कीम की कुछ नियम और शर्तों भी हैं। आइए जानतें हैं कि किसी व्यक्ति को कब इस स्कीम के जरिए पेंशन मिलती है। EPFO की पेंशन स्कीम की शुरुआत 1995 में की गई थी। मौजूदा इंम्प्लायज प्रोविडेंट फंड के नियमों के अनुसार अगर किसी ऐसे व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, जो परिवार में अकेला कमाने वाला है और उनके माता-पिता की उम्र भी अधिक हो गई है। ऐसे में अगर बूढ़े माता-पिता का देखभाल करने वाला परिवार का कोई अन्य सदस्य ना हो तो तब उन्हें EPS-95 नियम के तहत आजीवन पेंशन मिलती है। इस मदद में एक और नियम है कि कर्मचारी कम से कम 10 साल की नौकरी कर चुका हो। साथ ही अगर कर्मचारी नौकरी को दौरान ही ऐसी कोई बीमारी हो जाती है, जिसकी वजह से वह शारीरिक रूप से अक्षम हो जाता है तब की स्थिति कर्मचारी को भी आजीवन पेंशन मिलेगी। भले ही निर्धारित सेवा अवधि ना पूरी किया हो। 


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