SEBC और ESBC वर्ग के उम्मीदवारों को राहत

मुंबई

मराठा आरक्षण को लेकर सरकार ने अभी हाल ही में एक बड़ा निर्णय लिया है। 14 नवंबर 2014 तक जिन उम्मीदवारों को ईएसबीसी वर्ग से नियुक्तियां दी गई थीं, अब उन्हें बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। ईएसबीसी वर्ग के राज्य के शिक्षा संस्थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों या पदों के आरक्षण आदेश को बंबई उच्च न्यायालय ने 14 नवंबर 2014 को रोक लगा दी थी। इस अनुसार उच्च न्यायालय के निर्णय को लेकर कार्रवाई को लेकर 21 फरवरी 2015 को शासन निर्णय जारी किया गया था। बाद में इसे अध्यादेश के रूप में रुपांतरित करते हुए आरक्षण अधिनियम 2014 अस्तित्व में आया। इस अधिनियम के विरोध में याचिका पर उच्च न्यायालय ने 7 अप्रैल 2015 को स्टे दिया था।

न्यायालय के आदेश पर ध्यान देते हुए 21 फरवरी 2015 को आदेश में सुधार करते हुए ईएसबीसी वर्ग के आरक्षण के संबंध में 2 दिसंबर 2015 के आदेश में संशोधन किया गया था। इस अनुसार सरकारी और अर्ध-सरकारी सेवाओं में रिक्त पदों के लिए 14 नवंबर 2014 से पूर्व ईबीसी वर्ग के आरक्षण सहित विज्ञापन में दिए गए प्रकरण में उच्च न्यायालय का अंतिम फैसला आने तक खुले वर्ग की गुणवत्ता के अनुसार पात्र उम्मीदवारों को अस्थाई रूप से अधिक से अधिक 11 महीने या अदालती मामले के अंतिम निर्णय में से जो पहले आएगा के आधार पर राज्य सरकार ने अस्थाई रूप से नियुक्तियां करने का फैसला लिया था। 


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