12 दिन में डेढ़ दर्जन बीडीओ पर गिरी गाज

पटना

बिहार में पिछले 12 दिनों में ग्रामीण विकास विभाग ने डेढ़ दर्जन प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) पर कार्रवाई की है। जिसमें वैशाली के राघोपुर के तत्कालीन बीडीओ विनोद कुमार को लंबित सामाजिक सुरक्षा पेंशन आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं करने, पैक्स चुनाव में संबंधित रिपोर्ट समय पर नहीं देने को लेकर दो वेतन वृद्धि रोकी गई और निंदन का दंड मिला है। पूर्णिया के अमौर बीडीओ रघुनंदन आनंद पर लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान में लापरवाही, उदासीनता और वरीय पदाधिकारियों के आदेश का उल्लंघ को लेकर भविष्य के लिए सचेत किया गया। कटिहार के कुर्सेला की तत्कालीन बीडीओ नूतन कुमारी को लोहिया स्वच्छ अभियान के तहत लक्ष्य से कम शौचालय को पूरा कराने, प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित रखने को लेकर एक वेतन वृद्धि रोकने और निंदन का दंड दिया गया है। पटना के मोकामा के तत्कालीन बीडीओ सतीश कुमार को कार्य में लापरवही और उदासीनता पर एक वेतन वृद्धि और निंदन का दंड मिला है। पटना के पुनपुन के तत्कालीन बीडीओ अजीत कुमार प्रसाद को लोहिया स्वच्छ अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कर्तव्यहीनता और वरीय पदाधिकारियों के आदेश की अवहेलना पर चेतावनी का दंड मिला है। पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी के तत्कालीन बीडीओ रीतेश कुमार, मुजफ्फरपुर के औराई के तत्कालीन बीडीओ सत्येंद्र कुमार यादव, पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा के तत्कालीन बीडीओ उमेश कुमार सिंह, भोजपुर अगिआंव के तत्कालीन बीडीओ सन्नी सौरभ, पटना के दनियावां के तत्कालीन बीडीओ रवि कुमार, रोहतास के कोचस के तत्कालीन बीडीओ मनोज कुमार, भोजपुर के गड़हनी के प्रभारी बीडीओ तेज बहादुर सुमन, बड़हरा के तत्कालीन बीडीओ सुशील कुमार, समस्तीपुर पूसा के बीडीओ लक्ष्मण कुमार, लखीसराय बीडीओ नीरज कुमार रंजन, मधेपुरा उदाकिशुनगंज के तत्कालीन बीडीओ कुंदन कुमार को अलग-अलग दंड दिये गए हैं।


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