आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को लौटाए 45,896 करोड़


नई दिल्ली

आयकर विभाग (इनकम टैक्स डिपार्टमेंट) ने कहा कि उसने चालू एक अप्रैल से दो अगस्त के बीच 21.32 टैक्सपेयर्स को 45,896 करोड़ रुपए से अधिक वापस किए हैं। आयकर विभाग ने ट्विटर पर यह जानकारी दी है। इसमें से व्यक्तिगत आयकर मद में 20.12 लाख करदाताओं को 13,694 करोड़ रुपए तथा कंपनी कर मद में 1.19 लाख मामलों में 32,203 करोड़ रुपए करदाताओं को लौटाए गए। इससे पहले सीबीडीटी ने चालू वित्त वर्ष में 26 जुलाई को 43,991 करोड़ रुपए रिफंड किया था। आयकर विभाग अब सिर्फ बैंक खाते में ही टैक्स रिफंड को भेजता है। ऐसे में अगर आपने फॉर्म भरते हुए अपने खाते का गलत विवरण भरा है तो आपका रिफंड अटक सकता है। इसको आप आयकर विभाग के जरिये सुधार सकते हैं। आप ऑनलाइन अपने फॉर्म में खाते का विवरण को सही कर सकते हैं। इसके साथ यह जरूरी है कि करदाता जिस बैंक खाते का विवरण अपने आयकर रिटर्न फॉर्म में दे रहा है वह पैन से जुड़ा हो। समय पर रिफंड नहीं आने का दूसरा सबसे बड़ा कारण होता है बैंक खाता का पूर्व सत्यापित नहीं होना। जिस खाते में आयकर विभाग से टैक्स रिफंड आना होता है उस बैंक खाते को अगर करदाता पहले से सत्यापित नहीं करता हैं तो आईटी रिफंड अटक जाता है। इसलिए करदाता को चाहिए कि वह आयकर विभाग से जुड़े बैंक खाते को समय से सत्यापित करें। टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद आपका जो भी रिटर्न बनेगा वह आयकर विभाग के सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर के जरिए इसी अकाउंट में भेजेगा। आयकर रिटर्न भरने के बाद उसे वेरीफाई (सत्यापित) करना होता है। कई बार ऐसा होता है कि करदाता समय पर आयकर रिटर्न भर देता है, लेकिन वह अपने रिटर्न को वेरीफाई नहीं करता। जब तक आप इसे वेरीफाई नहीं करेंगे आपका रिटर्न प्रोसेस नहीं होता है। इसलिए करदाता चाहता है कि उसको रिटर्न जल्द मिले तो इसे वेरीफाई करना न भूले।


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