वैक्सीन के इंतजार में उड़ी नींद

टीकों की कमी से बेचैनी, टोकन के लिए रतजगा

मुंबई 


कोरोना से बचने के लिए आशा की किरण बनी वैक्सीन को पाने के लिए लोग रात-रात जागने को मजबूर हो रहे है। पिछले कई दिनों से टीकों की सीमित आपूर्ति के कारण मनपा व सरकारी टीका केंद्रों पर भाग दौड़ अभी भी थमी नहीं है। टीकाकरण केंद्रों पर टोकन लेने के लिए रात में ही कतार लगा कर बैठना पड़ रहा है। गोरेगांव पूर्व दिंडोशी, नगर कॉलोनी के मनपा स्कूल में यह स्थिति देखने को मिली है। यहां टोकन लेने के लिए पूरी रात केंद्र के बाहर बैठना पड़ता है। किसी प्रकार टोकन मिल भी गया तो वैक्सीन लगवाने के लिए भी लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ता है।

मुंबई में सात माह बीतने के बावजूद अभी तक मात्र 50 प्रतिशत लोगों को ही पहला टीका लग पाया है। जबकि दोनों डोज 20 प्रतिशत भी नहीं लग पाई है। टीकों का भंडारण शुरू से ही एक बड़ी बाधा रही है। केंद्र सरकार से उपलब्ध स्टॉक के आधार पर मनपा व सरकारी केंद्रों पर वितरित किया जाता है। टीकों का स्टॉक नहीं बढ़ रहा है, इसलिए प्रत्येक केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 300 टीके दिए जाते हैं। मुंबई में करीब 313  मनपा और सरकारी टीकाकरण केंद्र हैं। इसमें मनपा  के 227 विभागों में से प्रत्येक के लिए एक केंद्र शामिल है।

भीड़ पर नियंत्रण के लिए टोकन

मनपा एवं सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई जगहों पर टोकन जारी किए जाते हैं। यह टोकन टीकों के कुल स्टॉक के अनुसार दिया जाता है।  कुछ जगहों पर टोकन लेने के लिए केंद्रों के बाहर रात भर इंतजार करना पड़ता है। संदीप सावंत ने बताया कि गोरेगांव दिंडोशी मनपा स्कूल में आधी रात लोग टोकन लेने के लिए रुके थे।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget