वतन वापसी की राह आसान

प्रतिदिन काबुल से आएंगे विमान 


काबुल

अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों के वतन वापसी की राह आसान हो गई है। भारत अपने नागरिकों को निकालने के लिए काबुल से प्रतिदिन 2 उड़ानें संचालित कर सकेगा। अमेरिकी और उत्तरी अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन फोर्स ने इसकी अनुमति दे दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अब वे जल्द ही सभी भारतीयों को वापस लाएंगे। यहां अभी 300 भारतीयों के फंसे होने की जानकारी है।

अजीत डोभाल की रणनीति ने किया काम

हाल ही में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अपने अमेरिकी समकक्ष जेक सुलिवन के साथ इस संबंध में बातचीत की थी। इसके बाद ही भारत को ये अनुमति मिली है। भारत अब तक ताजिकिस्तान के दुशांबे और कतर से अपने नागरिकों को एयरलिफ्ट कर रहा है।

इस फैसले के बाद भारत पहली बार काबुल एयरपोर्ट से अपने नागरिकों को निकालने के लिए विमान का संचालन कर सकेगा। 15 अगस्त को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट फिलहाल अमेरिकी फौज के नियंत्रण में है। 

अमेरिकी सेना अभी अपने नागरिकों, हथियारों और उपकरणों को निकालने पर ध्यान केंद्रित कर रही है इसलिए उन्होंने काबुल एयरपोर्ट को अपने नियंत्रण में ले रखा है। राजधानी काबुल से अपने दूतावास को समेट चुका भारत स्थानीय कांट्रेक्टरों की मदद से अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने की कोशिश कर रहा है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, बीती रात कुछ भारतीयों को तजाकिस्तान की राजधानी स्थित दुशानबे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचाया गया था। हालांकि, कल काबुल से किसी भारतीय विमान ने उड़ान नहीं भरी थी।


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