एमपी में बाढ़ का रौद्र रूप

कई जिलों में हालात भयावह, बचाव कार्य में लगी सेना


भोपाल

ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में अभी भी बाढ़ के हालात भयावह हैं। कोटा बैराज से चंबल नदी में पानी छोड़े जाने के कारण मुरैना-भिंड में खतरा बढ़ रहा है। यहां के लिए सेना की अतिरिक्त टुकड़ी बुलाई जा रही है। सिंध नदी का रौद्र रूप बरकरार है। बुधवार को दतिया और शिवपुरी जिले में एक-एक पुल ढह गया। भिंड में भी एक पुल के ढहने की आशंका जताई जा रही है। शिवपुरी-श्योपुर में भीषण बाढ़ के बाद हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं।

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाके का हवाई सर्वे किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश किये कि राहत सामग्री का वितरण युद्घस्तर पर किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि भिंड और मुरैना दोनों जिलों के लिए अलग से सेना बुलाने को लेकर भी बात हो गई है। हालांकि मौसम खराब होने की वजह से वे भिंड और मुरैना नहीं जा सके। उधर करैरा-नरवर में फंसे सैकड़ों लोगों को निकालने के लिए बबीना से आई सेना की बाढ़ नियंत्रण टुकड़ी ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। श्योपुर और शिवपुरी की बीच कूनो पुल टूटने से दोनों जिलों के बीच आवागमन बंद है।

गुना में 200 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा

गुना जिले में पिछले 48 घंटे से बाढ़ में 51 गांव घिरे हुए हैं। अभी तक 200 से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट चुका है। पिछले सात दिनों से लगातार हो रही बारिश से पूरे जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियां उफान पर होने से आसपास के गांव के लोगों को सरकारी भवनों में शिफ्ट किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे वाले गांवों में खतरे की मुनादी करवा दी है।   अगस्त माह की शुरआत से मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में शुरू हुई बारिश के कारण शिवपुरी-श्योपुर, ग्वालियर के डबरा-भितरवार में बाढ़ के हालात हैं।


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