पिछड़ा कार्ड से यूपी में अगड़ा बनने की तैयारी में भाजपा


नई दिल्ली 

भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में अभी से जुट गई है। भगवा पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में अपना विशाल ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आउटरीच कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। 

ओबीसी समुदाय से समर्थन हासिल करने के उद्देश्य से यह अभियान अगले महीने शुरू किया जाएगा। इसके जरिए गैर-यादवों और ओबीसी समुदाय के विभिन्न वर्गों के मतदाताओं का समर्थन हासिल करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप ने कहा कि पार्टी ने राज्य स्तर पर 32 टीमों का गठन किया है, जो राज्य के 75 जिलों में छह क्षेत्रों में अभियान चलाएगी।

31 अगस्त को पहली बैठक

भाजपा का उद्देश्य यह बताना है कि कैसे अन्य राजनीतिक दलों ने समुदाय के साथ विश्वासघात किया है और उनके साथ मात्र वोट बैंक का व्यवहार किया है। आपको बता दें कि पहली बैठक 31 अगस्त को मेरठ, 2 सितंबर को अयोध्या, 3 सितंबर को कानपुर, 4 सितंबर को मथुरा और 8 सितंबर को वाराणसी में होगी।

ओबोसी विधेयक के बारे में लोगों को बताएगी भगवा पार्टी

भाजपा इस साल संसद के मानसून सत्र में पारित हुई ओबीसी विधेयक पर भी प्रकाश डालेगी। इस कानून ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के उद्देश्य से अपनी ओबीसी सूची बनाने की शक्ति बहाल कर दी है। इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा मेडिकल शिक्षा में ओबीसी के लिए आरक्षण के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल में समुदाय के 27 मंत्रियों को शामिल करने के बारे में भी लोगों को बताएगी। हाल ही में उत्तर प्रदेश के सात ओबीसी मंत्रियों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

यूपी चुनाव में ओबीसी वोट का महत्व

उत्तर प्रदेश के कुल मतदाताओं का 50 प्रतिशत से अधिक ओबीसी मतदाता हैं। गैर-यादव ओबीसी लगभग 35 प्रतिशत है। भाजपा उत्तर प्रदेश ओबीसी मोर्चा ने राज्य भर में संगठनात्मक कार्यों की निगरानी के लिए तीन टीमों का गठन किया जाएगा। 


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