केईएम अस्पताल में हाथ का पहला सफल प्रत्यारोपण

मुंबई

ट्रेन दुर्घटना में अपने दोनों हाथ गंवाने वाली मोनिका मोरे को विकल्प के अभाव में कृत्रिम हाथ लगाया गया था। लेकिन पहली बार मनपा के केईएम अस्पताल में हाथ प्रत्यारोपण की सफल सर्जरी की गई है। 24 घंटे चले हाथ के ट्रांसप्लांट ऑपरेशन में 21 वर्षीय युवक को नया प्राकृतिक हाथ मिला है. केईएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. हेमंत देशमुख ने बताया कि ब्रेन डेड मरीज ने अपना हाथ दान किया था. मरीज को देख-रेख के लिए तीन से चार महीने तक अस्पताल में रखा जाएगा। 

गौरतलब हो कि इसके पहले मोनिका मोरे को केईएम अस्पताल में कृत्रिम हाथ लगाया गया था। मनपा के केईएम अस्पताल को साल 2016 में ही हैंड ट्रांसप्लांट की अनुमति मिली थी। लेकिन इस दौरान केईएम अस्पताल में कोई हाथ प्रत्यारोपण नहीं हुआ था। कुछ दिन पहले ग्रांटरोड के वॉकहार्ट अस्पताल में एक मरीज को ब्रेन डेड घोषित किया गया था। युवक के परिवार ने अंगदान करने का फैसला किया। हाथ प्रत्यारोपण के लिए कई महीनों से अनुदानित हाथ का इंतजार कर रहे मध्य प्रदेश के एक युवक के दाहिने हाथ का प्रत्यारोपण किया गया। अब तक पांच लोग हैंड ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा सूची में हैं। सर्जरी के बाद हाथ को पूरी तरह से महसूस करने, हिलाने और मजबूत करने में युवक को एक साल का समय लगेगा।  उसे फिजियोथेरेपी से गुजरना होगा और उसकी इम्युनिटी पर भी निर्भर होगा।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget