जीत से तीन विकेट ​दूर टीम इंडिया


लंदन

लार्ड्स के एतिहासिक मैदान पर मेजबान इंग्लैंड व भारत के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में भारतीय टीम ने दूसरी पारी में शमी व रहाणे की अर्धशतकीय पारी के दम पर 8 विकेट पर 298 रन बनाए और 271 रन की बढ़त हासिल करते हुए पारी की घोषणा कर दी। अब भारत ने इंग्लैंड को जीत के लिए 272 रन का लक्ष्य दिया है। खबर लिखे जाने तक इंग्लैंड की टीम ने दूसरी पारी में सात विकेट के नुकसान पर 90 रन बना लिए हैं। टीम  इंडिया को जीत के लिए अभी भी तीन विकेट की दरकार है। 

रोहित ने हमीद का कैच छोड़ा

इंग्लैंड की दूसरी पारी के छठे ओवर में शमी बॉलिंग कर रहे थे। इस ओवर की दूसरी बॉल पर रोहित ने स्लिप में हमीद का कैच छोड़ दिया। उस वक्त हमीद 4 रन बनाकर बैटिंग कर रहे थे।

भारत ने 298/8 पर घोषित की पारी

भारत ने पहली पारी में 364 और इंग्लैंड ने पहली पारी में 391 रन बनाए थे। टीम इंडिया ने दूसरी पारी में 298/8 रन बनाए। इस लिहाज से भारत ने इंग्लैंड के सामने 272 रन का टारगेट रखा।

शमी और बुमराह ने इंग्लैंड को विकेट के लिए तरसाया 

शमी और बुमराह ने शानदार बैटिंग कर इंग्लिश टीम को विकेट के लिए तरसा दिया। दोनों 9वें विकेट के लिए 89 रन की नाबाद साझेदारी की। शमी ने सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की। 106वें ओवर में मोइन अली की बॉल पर शमी ने 92 मीटर लंबा छक्का लगाया। यह उनकी दूसरी टेस्ट फिफ्टी रही। इसके साथ ही शमी ने अपने पिछले हाईएस्ट स्कोर 51 रन को भी पीछे छोड़ दिया है। 

वे इस टेस्ट में 56 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं बुमराह ने भी 36* रन बनाए। उनका पिछला हाईएस्ट स्कोर 28 रन था।

बुमराह-शमी की शानदार बैटिंग

13 साल में पहली बार भारत के बल्लेबाजों ने 9वें विकेट के लिए साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया (SENA देशों) में अर्धशतकीय साझेदारी की है। इससे पहले 2008 के पर्थ टेस्ट में 9वें विकेट के लिए लक्ष्मण और आरपी सिंह ने अर्धशतकीय साझेदारी की थी।

रॉबिन्सन ने टीम इंडिया को दिए दो झटके

ओली रॉबिन्सन ने 5वें दिन टीम इंडिया को 2 झटके दिए। उन्होंने पहले ऋषभ पंत और फिर इशांत शर्मा को पैवेलियन भेजा। पंत 22 रन बनाकर आउट हुए। उनसे रॉबिन्सन ने विकेटकीपर जोस बटलर के हाथों कैच कराया। वहीं इशांत 24 बॉल पर 16 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें रॉबिन्सन ने LBW किया।

पंत नहीं दोहरा पाए करिश्मा

पहले सेशन में विकेट बचाने और भारत की बढ़त को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी पंत के कंधों पर थी, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जब टीम इंडिया ने सीरीज जीतकर इतिहास रचा था, तब पंत ने एक अहम भूमिका निभाई थी। सिडनी टेस्ट को ड्रॉ कराने में उन्होंने 97 और ब्रिस्बेन में यादगार जीत दिलाते हुए नाबाद 89 रनों की पारी खेली थी।


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