पटरी पर लौटती भारतीय अर्थव्यवस्था

नई नौकरियों को लेकर बनी संभावनाएं


पटना

नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में अब धीरे-धीरे लाॅकडाउन के नियमों में ढील दी जा रही है। जिसका असर बाजार से लेकर इंडस्ट्री तक हर जगह दिखाई दे रहा है। देश और विदेश में डिमांड सप्लाई बढ़ने की वजह से इंडस्ट्रीज का प्रोडक्शन जुलाई में बढ़ा है। जिसकी वजह से महामारी के इस दौर में पहली बार लोगों को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी की संभावना बढ़ी है। IHS Markit के ताजा आंकड़ों के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग पर्चेसिंग मैनेजर्स इंडेक्स 55.3 पर पहुंच गया है। जून में यही 48.1 प्रतिशत था। बता दें कि इंडेक्स 50 प्रतिशत से अधिक रहने पर ग्रोथ को दर्शाता है। IHS Markit की इकोनाॅमिक एसोसिएट डाॅयरेक्टर पोलीअन्ना डी लीमा ने बताया कि कोरोना वायरस के नियमों में ढील मिलने के बाद कंपनियों ने प्रोडक्शन बढ़ाने पर जोर दिया है। देश में अप्रैल के महीने में कोरोना का स्तर बढ़ गया था। लेकिन अब एक बार नए केस में कमी आने के बाद नियमों में ढील मिलनी शुरू हुई थी। हालांकि देश में अब भी 40 हजार से अधिक नए केस आ रहे हैं। मार्च 2020 के बाद पहली बार नौकरियों की संभावना बन रही है। इस क्षेत्र में पिछले 15 महीने से संकट बना हुआ है। हालांकि कंपनियों ने हायरिंग की रफ्तार धीमी है, जोकि दर्शाता है कि नौकरी संकट बना हुआ है। रायटर्स के हालिया सर्वे भी चिंताएं बढ़ा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार कोविड के नए वैरिएंट के आने से इकोनाॅमिक ग्रोथ का मोमेंटम जा सकता है। 


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget