मीठी नदी को मिलेगा मूल स्वरूप

आदित्य ठाकरे ने किया योजना का उद्घाटन


मुंबई 

राज्य के पर्यावरण और मुंबई उपनगर के पालक मंत्री आदित्य ठाकरे ने मीठी नदी स्वच्छता पायलट परियोजना का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कीचड़ हटाने, तैरते मलबे को अलग करने और आसपास के दूषित पानी को रोकने का काम तीन चरणों में पूरा कर मीठी नदी के मूल स्वरूप को वापस लाने का प्रयास किया जाएगा। इन कार्यों में सभी का सहयोग आवश्यक है। इस मौके पर महापौर किशोरी पेडणेकर, एमएमआरडीए के आयुक्त एसवीआर श्रीनिवास उपस्थित थे।  

एमएमआरडीए और मरीन डेब्रिज पार्टनरशिप के बीच हुए समझौता के अनुसार इस परियोजना का शुभारंभ किया गया। इस प्रोजेक्ट में नदी से तैरते हुए कचरे को इकट्ठा कर उसकी छंटाई की जाएगी। इससे नदी से समुद्र में प्लास्टिक और अन्य तैरते मलबे के प्रवाह में कमी आएगी।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मीठी नदी नाले में बदल गई है और मानसून ने शहरी आबादी को खतरे में डाल दिया है। हाल ही में हुई भारी बारिश ने तटीय निवासियों को स्थानांतरित करने पर मजबूर कर दिया है। मीठी नदी की सफाई एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। मुंबई के पर्यावरण और सुरक्षा की दृष्टि से मीठी नदी को फिर से नदी का स्वरूप देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नदी से गाद निकालना, तैरते हुए मलबे को अलग करना और आसपास के क्षेत्र से आने वाले गंदे पानी की रोकथाम जैसे तीन चरणों पर काम करना आवश्यक है। यह कार्य तट पर रहने वाले नागरिकों को ध्यान में रखकर करना पड़ेगा। भले ही इसमें कुछ समय लगे, मीठी नदी को स्थायी रूप से स्वच्छ रखने के लिए नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। इसलिए सभी को मीठी  नदी को साफ रखने के लिए सरकारी एजेंसियों के प्रयासों में सहयोग करना चाहिए। महापौर किशोरी पेडणेकर ने कहा कि हर साल मानसून से पहले मीठी नदी से गाद निकाला जा रहा है और नागरिकों की सुविधा के लिए मनपा आवश्यक कार्य करती रहेगी। आयुक्त श्रीनिवास ने कहा कि एमएमआरडीए नदी को पुनर्जीवित करने की पूरी कोशिश करेगा।


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