दिल को स्वस्थ रखने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम

हृदय रोग में फायदेमंद


भस्त्रिका प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन का संचार तीव्र गति से होता है। जबकि कार्बन डाईऑक्साइड का स्तर कम होता है, जिससे हृदय रोग दूर होता है। इस योग को करने से गले से संबंधित सभी तकलीफें खत्म हो जाती हैं।

भस्त्रिका प्राणायाम कैसे करें  इसके लिए स्वच्छ वातावरण में पद्मानस की मुद्रा में बैठ जाएं। इसके बाद अपनी गर्दन और रीढ़ की हड्डी को एक सीध में रखें। शरीर झुका और ढीला-ढाला न हो। इसके बाद लंबी लें और फेफड़ें में वायु को भर जाने दें। इसके बाद एकबार में तेज़ी से सांस छोड़ें। इस आसन को एक बार में कम से कम दस बार जरूर करें। जबकि रोजाना सुबह और शाम दोनों समय में इस आसन को करें। रक्त चाप नियंत्रित रहता है इस योग को करने से रक्त चाप नियंत्रित रहता है। जबकि शरीर में रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है। साथ ही श्वसन तंत्र मजबूत होता है।

तनाव को दूर करता है  आधुनिक समय में लोग तनाव और अवसाद से ग्रसित हैं। इससे बचने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम कारगर उपाय है। तनाव से जूझ रहे लोगों को भस्त्रिका प्राणायाम रोजाना करना चाहिए।


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