बेहतर प्रदर्शन करना भारत का लक्ष्य

शार्दुल लार्ड्स टेस्ट से आउट , आज से दूसरा टेस्ट


लंदन

दुनिया के नामी बल्लेबाजों की मौजूदगी के बावजूद पहले मैच में बड़ा स्कोर बनाने में असफल रही भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ आज से लार्ड्स में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में अपनी ख्याति के अनुरूप बल्लेबाजी करने के दृढ़ संकल्प के साथ मैदान पर उतरेगी। कप्तान विराट कोहली इस मैच में अपने सर्वश्रेष्ठ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को भी अंतिम एकादश में शामिल करने पर गंभीर विचार कर सकते हैं। भारत बारिश के कारण ड्रा छूटे पहले टेस्ट मैच में जीत की अच्छी स्थिति में था, लेकिन उसका पहली पारी का 278 रन का स्कोर अपेक्षानुरूप नहीं था। भारत के तीन प्रमुख बल्लेबाज कप्तान कोहली, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे इस पारी में नाकाम रहे थे। यह नहीं भूलना चाहिए कि रहाणे के मेलबर्न में लगाये गये शतक को छोड़ दिया जाए तो ये तीनों पिछले दो वर्षों से बड़ी पारियां नहीं खेल पाये हैं। कोहली और पुजारा इस बीच अपनी अच्छी शुरुआत को शतक में नहीं बदल पाये हैं। जहां तक टीम संयोजन का सवाल है शार्दुल ठाकुर की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण निचले क्रम के बल्लेबाजी क्रम में फिर से बदलाव किया जा सकता है। मुंबई का यह तेज गेंदबाज पहले टेस्ट की एकमात्र पारी में खाता भी नहीं खोल पाया था। रविंद्र जडेजा के बल्लेबाजी कौशल को देखते हुए भारतीय टीम प्रबंधन ने अश्विन को पहले टेस्ट मैच की अंतिम एकादश में नहीं रखा था। लार्ड्स में अभ्यास के दौरान ठाकुर की परेशानी बढ़ गयी है और ऐसे में अश्विन को अंतिम एकादश में जगह मिलने की संभावना बन गयी है। यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ठाकुर को पहले टेस्ट के दौरान चोट लगी थी या नहीं। यदि ठाकुर नहीं खेल पाते हैं तो कोहली अपने 4-1 के गेंदबाजी संयोजन पर फिर से विचार कर सकते हैं, क्योंकि निचले क्रम की बल्लेबाजी की कमजोरी को देखते हुए किसी एक रणनीति पर अडिग रहना संभव नहीं है। कोहली यदि चार तेज गेंदबाजों के साथ ही उतरना चाहेंगे तो फिर ठाकुर की जगह पर इशांत शर्मा या उमेश यादव में से किसी एक को लिया जाएगा, लेकिन यह फैसला आसान नहीं होगा। कोहली ने पहले टेस्ट के बाद कहा था कि पूरी संभावना है कि हम इसके (4-1 के संयोजन) साथ ही आगे बढ़ेंगे, लेकिन हम हमेशा परिस्थितियों को ध्यान में रखकर टीम का चयन करते हैं, लेकिन यदि कप्तान अपनी बल्लेबाजी को मजबूत देखना चाहते हैं, तो फिर अश्विन को अंतिम एकादश में रखना सही फैसला होगा, जो गेंदबाज के रूप में चौथे या पांचवें दिन लार्ड्स की पिच पर खतरनाक साबित हो सकते हैं। मौसम की बात करें तो लंदन में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और औसत तापमान लगभग 14 डिग्री चल रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इंग्लैंड 2018 की तरह यहां पिच पर घास रखेगा, क्योंकि तब भारतीय बल्लेबाजी दो दिन में ढह गयी थी और आलराउंडर क्रिस वोक्स इंग्लैंड की जीत के नायक बने थे। यदि पिच शुष्क रहती है तो भारत अश्विन और जडेजा दोनों को टीम में रख सकता है, जो कि अपनी विविधतापूर्ण गेंदबाजी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं। इंग्लैंड के युवा बल्लेबाजों ने अब तक निराशाजनक प्रदर्शन किया है। कप्तान जो रूट ने पहली पारी में अर्धशतक और दूसरी पारी में अपने कॅरियर का 21वां टेस्ट शतक जमाकर इंग्लैंड को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया था। रोरी बर्न्स की जगह हसीब हमीद को अंतिम एकादश में रखे जाने की पूरी संभावना है। हमीद ने पिछले महीने भारत के खिलाफ अभ्यास मैच में पारी का आगाज करते हुए शतक लगाया था। इंग्लैंड को अपने तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के बिना उतरना पड़ सकता है क्योंकि वह चोटिल हैं। उनके दायें पांव की पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया है।

यदि पिच से स्पिनरों को मदद मिलती है, तो मोईन अली को अंतिम एकादश में रखा जा सकता है, जिन्होंने 2014 और 2018 की श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया था। यदि पिच स्पिनरों के अनुकूल नहीं होती है, तो तेज गेंदबाज मार्क वुड टीम को टीम में जगह मिल सकती है।


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