एशियाई युवा मुक्केबाजी: फाइनल में छह भारतीय


नई दिल्ली

भारत के छह मुक्केबाजों ने दुबई में चल रही एशियाई युवा चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। इनमें से दो मुक्केबाजों को वाकओवर मिला क्योंकि कजाखस्तान के दल में कोविड-19 का मामला पाये जाने के बाद उसके खिलाड़ी पृथकवास पर हैं।

फाइनल में जगह बनाने वाले छह मुक्केबाजों में दो पुरुष और चार महिला खिलाड़ी शामिल हैं। महिलाओं के वर्ग में सिमरन वर्मा (52 किग्रा) और स्नेहा (66 किग्रा) को वाकओवर मिला क्योंकि उनकी प्रतिद्वंद्वी कजाखस्तान की खावा बोल्कोयेवा और अनार तुरिनबेक को पृथकवास पर जाना पड़ा था।

भारतीय कोच भास्कर भट्ट ने कहा, ‘‘इनमें से एक लड़की को कोविड-19 के लिये पॉजिटिव पाया गया और दूसरी को पृथकवास पर जाना पड़ा क्योंकि वह संक्रमित लड़की के साथ एक ही कमरे में रह रही थी। इसलिए हमें इन दो वर्गों में वाकओवर मिला।’’

इनके अलावा महिलाओं के वर्ग में प्रीति (57 किग्रा) और प्रीति दहिया (60 किग्रा) ने भी फाइनल में प्रवेश किया। प्रीति ने नेपाल की नारिका राय को तीसरे राउंड में नाकआउट किया जबकि प्रीति दहिया ने उज्बेकिस्तान की रुख्सोना उकतामोवा को 3-2 से हराया। पुरुष वर्ग में वंशज (64 किग्रा) ने ईरान के फरीदी अबुलफजल को 5-0 से जबकि विशाल (80 किग्रा) ने कजाखस्तान के दौरेन मामिर को इसी अंतर से हराया। दक्ष (57 किग्रा) को हालांकि उज्बेकिस्तान के सोलिजोनोज समंदर से 4-1 से हार का सामना करना पड़ा।

अभिमन्यु (92 किग्रा) और अमन सिंह बिष्ट (92 किग्रा से अधिक) को भी कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। अभिमन्यु को उज्बेकिस्तान के तोखिरोव नुसरतबेक ने 5-0 से हराया। बिष्ट भी उज्बेकिस्तान के ही जोकिरोव जाकोंगीर से हार गये।

इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप का आयोजन पहली बार युवा और जूनियर वर्ग में एक साथ किया जा रहा है।

युवा वर्ग के स्वर्ण पदक विजेता को 6000 डॉलर, रजत पदक विजेता को 3000 डॉलर और कांस्य पदक विजेता को 1500 डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। जूनियर वर्ग में यह राशि क्रमश: 4000, 2000 और 1000 डॉलर है।


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