राज्य में बार खुल सकते हैं तो मंदिर क्यों नहीं?

अन्ना हजारे की सरकार को चेतावनी  | मंदिर खोलें वरना होगा आंदोलन

anna hazare

मुंबई 

महाराष्ट्र में हिंदू धार्मिक स्थल शुरु करने की मांग को लेकर जारी आंदोलन में अब प्रख्यात समाजसेवी अन्ना हजारे भी कूद गए हैं। अन्ना हजारे ने सरकार को चेतावनी दी है कि वो मंदिर शुरु करने की इजाजत दे वरना बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अहमदनगर के ‘मंदिर बचाओ कृति समिति’ के सदस्यों ने रालेगणसिद्धि में मंदिर आंदोलन को लेकर अन्रा हजारे से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद अन्ना ने मंदिर बंद रखने के तर्क पर सवाल किया, उन्होंने कहा कि, ‘आखिर सरकार को मंदिर शुरू करने में आपत्ति क्या है? शराब की दुकानें शुरू रह सकती हैं तो फिर मंदिर क्यों नहीं ?

 ‘ सरकार को 10 दिनों की मोहलत’

अन्ना हजारे ने सरकार को 10 दिनों की मोहलत दी है,अगर अगले 10 दिनों में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली  राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार इस बारे में फैसला नहीं लेती है तो अन्ना हजारे मंदिर शुरू करने के लिए आंदोलन शुरू करेंगे। अन्ना हजारे ने कहा है कि, ’10 दिनों बाद अगर मंदिर खोलने की इजाजत नहीं दी जाती तो  मंदिर बचाओ कृति समिति बड़ा आंदोलन शुरु करेगी और मैं आंदोलन में साथ दूंगा।’

 दही हंडी और गणेशोत्सव पर प्रतिबंधों के बीच अन्ना की मंदिर खोलने की मांग

बता दें कि कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने और कोरोना की तीसरी लहर के डर को देखते हुए सभी धार्मिक स्थलों को बंद रखने का फैसला किया है। यहां तक कि पर्व त्योहारों पर भी पाबंदी है। इस बार भी दही हंडी मनाने की छूट नहीं दी गई है, गणेशोत्सव को लेकर भी कड़े नियम जारी किए गए हैं। दो दिनों पहले केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने भी कोरोना की तीसरी लहर का हवाला देते हुए महाराष्ट्र के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे को पत्र लिखा था। 

पत्र में उन्होंने दही हंडी और गणेश उत्सवों के आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है। ऐसे में अन्ना हजारे ने मंदिर ना शुरू किए जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दे दी है। अब देखना है कि राज्य सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है।


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