जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाया

राष्ट्रपति पदक विजेता मिश्र ने बढ़ाया दमकल विभाग का मान  


मुंबई

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में 16 जुलाई 2020 को हुए इमारत हादसे में 10 लोगों की जान चली गई, जबकि 27 लोगों को रेस्क्यू कर बचा लिया गया। इमारत हादसे के समय अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने वाले फायर ब्रिगेड के आठ  अधिकारियों एवं जवानों को उनकी बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया।  हादसे के दौरान लोगों को रेस्क्यू करने वालों में शामिल आत्माराम मिश्र, डिवीजन फायर ब्रिगेड ऑफिसर हैं। घटना को याद करते हुए मिश्र बताते हैं कि इमरात के बीच का हिस्सा गिर गया था। दोनों तरफ खतरा था और ऊपर छत लटका था। ऐसे में रेस्क्यू करना जोखिम भरा था। 13 लोग नीचे दबे थे उनकी आवाज ऊपर सुनाई दे रही थी। वह लगातार बचाने की गुहार लगा रहे थे, हम उन्हें ढांढस बंधा रहे थे। वर्ष 2014 की घटना का जिक्र करते हुए वह कहते हैं कि हमें लगा था अब बचना मुश्किल है, लेकिन किस्मत थी इसलिए बच गए। वह बताते हैं कि अंधेरी पश्चिम के बहुमंजिला लोटस इमारत में आग लग गई। वहां हम मरते- मरते बचे थे। क्योंकि हम आग की लपटों में डेढ़ घंटे तक फंसे रहे। शरीर कई जगह जल गए थे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के रहने वाले आत्माराम मिश्र 32 वर्षों से मुंबई फायर ब्रिगेड में अपनी सेवा दे रहे हैं। 


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