जंक फूड के बजाए अपनाएं ये हेल्दी स्नैक्स


भोजन के बीच में स्नैकिंग अच्छा है या खराब? ये बार-बार पूछा जानेवाला सवाल है जिसे लोग स्वास्थ्य विशेषज्ञ या न्यूट्रनिशनिस्ट से जानना चाहते हैं। कहा जाता है कि ये बहुत कुछ आपके ऊपर निर्भर है। अगर आप सचमुच भूखे हैं, या फूड का हेल्दी और छोटा हिस्सा दिन भर खाते हैं, तो ये नुकसानदेह नहीं है लेकिन इसके पीछे अगर इमोशनल इटिंग (बिना भूख के खाने लगना) आपकी मंशा है, और आप सैचुरेटेड फैट, नमक या शुगर में अधिक डिब्बाबंद फूड को लालसा पूरी करने के लिए चुनते हैं, तो स्नैकिंग आपकी जिंदगी का दुश्मन हो सकता है।

स्नैकिंग आपके लिए कब हो सकता है नुकसानदेह?

न्यूट्रिशनिस्ट रियान फरनाडो कहते हैं, स्नैकिंग आपके लिए उस वक्त तक नुकसानदेह नहीं है जब तक कि आप गैर सेहतमंद सामग्री का सेवन न करें। उसके बजाए ये आपको देर तक भरा रखने में मदद कर सकता है और गैर सेहतमंद फूड्स के प्रति आपकी लालसा को कम करता है। खाने के विकल्पों में सचेत नहीं रहने पर गलत स्नैक को हम चुन सकते हैं और उसके नतीजे में वजन बढ़ सकता है और कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। लेबल पर दिखाई देनेवाले अधिकतर हेल्दी प्रोडक्ट्स अक्सर खराब फैट और शुगर में अधिक होते हैं। स्नैक के विकल्प जैसे चिप्स में पोषण मान नहीं होता है लेकिन फैट्स, सोडियम और अधिक कैलोरी में भरपूर होता है भोजन के बीच में हमें स्नैकिंग की इच्छा क्यों होती है?

न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि मौजूदा पोषक तत्वों की कमी या आपकी डाइट में खास पोषक तत्वों के अभाव की वजह से ये हो सकता है। मिसाल के तौर पर, अगर आपको चॉकलेट खाने की इच्छा है, तो आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो सकती है, जिसकी पूर्ति नट्स, सीड्स और फलों से होने की संभावना है। उनका कहना है कि जेनेटिक्स भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उन्होंने कुछ हेल्दी स्नैक्स के सुझाव दिए हैं जो खराब स्नैक्स का विकल्प हो सकते हैं और आपके वजन कम करने में मदद कर सकते हैं।

 कैंडी या चॉकलेट के बजाए फल

 चिप्स के बजाए पॉपकॉर्न

 बिस्कुट के बजाए मूंगफली का मक्खन टोस्ट


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