... तो चुप रहना पाप है : सोनिया


नई दिल्ली

भारत स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। ऐसे में कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी ने लोगों से आत्मनिरीक्षण करने का आग्रह किया है कि स्वतंत्रता का क्या अर्थ है और उनसे कहा कि जब मौलिक अधिकारों और संविधान को ‘रौंद’ दिया जाता है, तो चुप रहना ‘पाप’ है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के लोकतंत्र को सुधारने की जरूरत है। इंग्लिश डेली में सोनिया गांधी के लेख का हवाला देते हुए कहा िक कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, जब मौलिक अधिकारों और संविधान को कुचला जा रहा हो, तो चुप रहना पाप है। उन्होंने कहा कि लेख में पार्टी अध्यक्ष ने इस बारे में बात की है कि देश की आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश करने के साथ ही लोगों के लिए आजादी का क्या मतलब है। जब सरकार संसद पर हमला करती है और उसकी परंपराओं को रौंदती है, लोकतंत्र को गुलाम बनाती है, संविधान का उल्लंघन करने का प्रयास करती है और संस्थागत स्वायत्तता को बेड़ियों से बांधती है, तो देश के लोगों को आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है कि उनके लिए स्वतंत्रता का क्या अर्थ है। सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में पत्रकारों को लिखने की आजादी नहीं है, टीवी चैनलों को सच दिखाने की आजादी है, और लेखकों और विचारकों को खुद को व्यक्त करने की आजादी नहीं है। 


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