तालिबान के खिलाफ लामबंदी

एक मंच पर आएंगी दुनिया की सात ताकतें


नई दिल्ली

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि वह अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को जी-7 नेताओं की बैठक बुलाई है। दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और बोरिस जॉनसन ने अफगानिस्तान के घटनाक्रम में चर्चा के लिए जी-7 देशों की बैठक पर सहमति जताई थी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने रविवार को कहा कि मैं अफगानिस्तान की स्थिति पर तत्काल बातचीत के लिए मंगलवार को जी-7 देशों की बैठक बुलाऊंगा। जॉनसन ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि अभी जो हालात अफगानिस्तान में हैं उससे अपने अपने नागिरकों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी एक साथ मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि मानवीय संकट को रोकने और पिछेल 20 वर्षों में जो लाभ अफगानिस्तान को मिले हैं उन्हें बनाए रखने के लिए जरूरी है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय एक साथ मिलकर काम करे। इससे पहले ब्रिटिश पीएम ने शनिवार को तालिबानी सरकार के साथ काम करने के संकेत भी दिए थे। अपने बयान में उन्होंने कहा था कि ब्रिटेन अफगानिस्तान का मसला शांति से सुलझाने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास करने में जुटा हुआ है और हमारी यही कोशिश है कि अफगानिस्तान में एक स्थायी सरकार हो। उन्होंने कहा कि अब संकट ग्रस्त देश में हालात पहले से बेहतर हो रहे हैं और हम लोग ब्रिटेन आने के पात्र लोगों को वापस लाने में जुटे हुए हैं।

बता दें कि दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाले सात देश जी-7 ग्रुप का हिस्सा हैं। इस समूह में भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे मजबूत देश शामिल नहीं है। जी-7 समूह में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जापान, इटली, फ्रांस और जर्मनी देश शामिल है। पहले रूस भी इस समूह का हिस्सा था लेकिन 2014 में रूस द्वारा यूक्रेन के काला सागर प्रायद्वीप क्रीमिया पर कब्जा कर लेने की वजह से उसे हटा दिया गया।


मैं अफगानिस्तान की स्थिति पर तत्काल बातचीत के लिए मंगलवार को जी-7 नेताओं को बुलाऊंगा। यह महत्वपूर्ण है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने, मानवीय संकट को रोकने और पिछले 20 सालों से जो लाभ अफगानिस्तान को मिले हैं, उन्हें बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हम अफगान लोगों का समर्थन करने के लिए मिलकर काम करें। 

- बोरिस जॉनसन


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