कोरोना के बदलते स्वरूप की जांच में आए चौंकाने वाले मामले

मुंबई

कोरोना के बदलते विषाणु  की जांच और बदलते  जीनोम सिक्वेंसिंग  की जांच के लिए कस्तूरबा अस्पताल में लाई गई मशीन की पहली जांच रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें चौंकाने वाले मामले सामने आए है। मनपा द्वारा जांच के लिए भेजे गए 188 नमूने में 128 सैंपल डेल्टा के पाए गए है, जबकि 2 सैंपल अल्फा  और 24 केपा के विषाणु पाए गए हैं। कस्तूरबा अस्पताल में किए गए पहले परीक्षणों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। पहले बैच में कुल 188 सैंपल में से 128 मरीज डेल्टा टाइप कोविड वायरस से संक्रमित पाए गए। शेष नमूनों में से 2 अल्फा प्रकार के थे, 24 केपा प्रकार के थे और अन्य रोगी सामान्य कोविड वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।

इस बीच, डेल्टा-प्रकार के कोविड वायरस के तेजी से प्रसार को देखते हुए, सभी को कोविड -19 वायरस की रोकथाम के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है। मनपा  की ओर से अपील की जा रही है कि सभी को मास्क पहनना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना, नियमित रूप से हाथ की स्वच्छता, भीड़ से बचना जैसे उपायों का पालन करना चाहिए। कस्तूरबा अस्पताल में कोरोना के बदलते विषाणु की जांच के लिए नेक्स्ट जेनरेशन जीनोम सीक्वेंसिंग लैब  स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री  उद्धव ठाकरे ने 4 अगस्त 2021 को इसका उद्घाटन  किया था। इसके बाद इस प्रणाली को चिकित्सकीय रूप से मान्य और लागू किया गया है। इस चिकित्सा प्रयोगशाला में दो  मशीन  उपलब्ध हैं, जो आनुवंशिक सूत्र निर्धारित कर सकते हैं। अमेरिकी कंपनी इलुमिनिया ने संयुक्त राज्य अमेरिका में अपने अलब्राइट स्टोनब्रिज ग्रुप (एएसजी-बोस्टन) के माध्यम से मनपा  को  करोड़ रुपये की  दो जीनोम अनुक्रमण संयंत्रों को दिया  है। एक वायरस के आनुवंशिक सूत्र का निर्धारण करके, एक ही वायरस के  दो या दो से अधिक प्रजातियों के बीच सटीक अंतर की पहचान की जा सकती है।


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