मंत्री मुश्रीफ परिवार पर 127 करोड़ घोटाले का आरोप

आरोप बेबुनियाद, मानहानि का मुकदमा करूंगा: मुश्रीफ


मुंबई 

भाजपा नेता और पूर्व सांसद डॉ. किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि राज्य के ग्राम विकास मंत्री और राकांपा नेता हसन मुश्रीफ और उनके परिवार ने मनी लॉड्रिंग और बेनामी व्यवहार के जरिए 127 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। इस संबंध में डॉ. सोमैया ने हसन मुश्रीफ, उनकी पत्नी और बेटे नावेद के खिलाफ आयकर अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराकर जांच की मांग की है। इधर हसन मुश्रीफ ने किरीट सोमैया के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि वे सोमैया के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का आपराधिक मानहानि का मुकदमा  दायर करेंगे।

कई शैल कंपनियों के साथ लेनदेन

डॉ. सोमैया ने कहा कि मुश्रीफ और उनके परिवार के नाम पर कई कंपनियां हैं। दस्तावेजों से पता चलता है कि इन कंपनियों का कोलकाता की शैल कंपनियों के साथ लेन-देन था। मुश्रीफ और उनके परिवार के बैंक खातों में लेन-देन से पता चलता है कि उन्हें गैर-मौजूद कंपनियों से आय प्राप्त हुई थी।  नावेद मुश्रीफ ने वर्ष 2019 का विधानसभा चुनाव लड़ा था, तब उनके तरफ से दाखिल आय के हलफनामे से पता चलता है कि उनके कई संदिग्ध कंपनियों के साथ वित्तीय लेन-देन थे। नावेद सरसेनापति संताजी घोरपडे चीनी कारखाने में शेयरधारक प्रतीत होता है। दस्तावेजों से पता चलता है कि चीनी कारखाने ने कई मनी लॉड्रिंग लेनदेन किए गए हैं।

चीनी कारखाने को  मिले करोड़ों रुपए  

हलफनामे के मुताबिक नावेद ने सीआरएम सिस्टम्स से 2 करोड़ रुपए और मरुभूमि फाइनेंस एंड डेवलपर्स से 3.85 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।  दोनों कंपनियां कोलकाता में स्थित हैं और उनके निदेशक सिकंदर देसाई, आलमगीर मुजावर और गोपाल पवार मुश्रीफ के करीबी सहयोगी हैं। सहेरा हसन मुश्रीफ के नाम पर सरसेनापति संताजी घोरपडे चीनी कारखाने के 3 लाख 78 हजार 340 शेयर हैं। 2003 से 2014 तक हसन मुश्रीफ राज्य में कैबिनेट मंत्री थे। इस दौरान घोरपड़े चीनी मिल को शैल कंपनियों से करोड़ों रुपए मिले हैं।

सभी आरोप निराधार: मुश्रीफ

ग्राम विकास मंत्री हसन मुश्रीफ ने किरीट सोमैया के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि वे सोमैया के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का आपराधिक मानहानि का मुकदमा  दायर करेंगे। मुश्रीफ का कहना है कि उनकी पार्टी और नेताओं के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। किरीट सोमैया की सीए की डिग्री पर संदेह होता है। मेरे घर और कारखाने पर इनकम टैक्स का छापा पड़ा था। उस दौरान कुछ भी नहीं मिला था। 

किरीट सोमैया को ज्यादा जानकारी नहीं है। यदि उन्हें चंद्रकांत पाटिल और समरजीत घाटगे ने कुछ गलत जानकारी दी थी तो उन्हें वास्तविक जानकारी हासिल करनी चाहिए थी। इससे स्पष्ट होता कि सही क्या है।


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