2019 में भाजपा-शिवसेना में पैदा की गई दरार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल का बयान  

chandrakant patil

मुंबई

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने भाजपा-शिवसेना संबंधों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में शिवसेना और भाजपा में कुछ लोगों ने जानबूझकर दरार पैदा की। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान भी दूरी बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन कुर्सी के मोह में उद्धव ठाकरे को यह बात समझ में नहीं आ रही है।

पंचायत समिति गई, कुछ नहीं कर पाए  

पाटिल ने आगे कहा कि वे बोलेंगे तो सच बोलेंगे, ऐसे में उन्हें बोलने नहीं दिया जाता या फिर वे नाराज होंगे कि जो बोलना है, उसे बोलने दो, वह बहुत नुकसान कर रहा है। इससे जो नुकसान शुरु है, उसमें खुद पार्टी कार्यकर्ताओं को खींचा जा रहा है। खेड़ में पूरी पंचायत समिति हाथ से निकल गई और वे कुछ नहीं कर सके। संजय राउत अपने स्टाइल के साथ आए। मैं उनके स्टाइल की बहुत सराहना करता हूं। वह बड़े स्टाइल के साथ आए हैं और कहा कि ऐसा नहीं होने देंगे और ऐसा हुआ। अंत में राकांपा सदस्य पंचायत समिति का अध्यक्ष बना।

कुर्सी मोह के कारण मंदिर बंद

पाटिल ने कहा कि मंदिर खोलने का विषय है। मंदिर खुले यह बात  कांग्रेस-राष्ट्रवादी को पसंद नहीं। ऐसे में वे कुर्सी के लिए मंदिर नहीं खोल रहे हैं। इसके पीछे दूसरी कोई वजह नहीं है, ऐसे में उद्धव ठाकरे कुर्सी से प्रेम करने वाले हैं। वे खुद ही अपनी पार्टी का नुकसान कर रहे हैं। मुझे एक सवाल का जवाब चाहिए कि संजय राऊत के अलावा कोई दूसरा बोलता नहीं दिखता? हमारे परम मित्र दिवाकर रावते कहां चले गए? हमारे सबसे अच्छे दोस्त, बेहद मिलनसार रामदास कदम कहां गए? अनिल देसाई, सुभाष देसाई, रविंद्र वायकर कहां गए? सब कहां गए? अकेले संजय राऊत बोलते है।


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