2022 की पहली तिमाही में घट सकता है हाउसहोल्ड डेट : SBI रिपोर्ट


नई दिल्ली

 State Bank of India की रिसर्च रिपोर्ट के एक अनुमान के मुताबिक,  सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के प्रतिशत के तौर पर हाउसहोल्ड डेट वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में घटकर 34 फीसद रह सकता है। COVID-19 महामारी की वजह से हाउसहोल्ड डेट जीडीपी दर में बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार,  यह साल 2020-21 में तेजी से बढ़कर 37.3 फीसद का हो गया था, जो कि साल 2019-20 में 32.5 फीसद तक था। बुधवार को जारी शोध रिपोर्ट में कहा गया है,  हमारा अनुमान है कि जीडीपी के प्रतिशत के तौर पर हाउसहोल्ड डेट पहली तिमाही में जीडीपी में वृद्धि के साथ 34 फीसद तक गिर गया है, हालांकि यह पूर्ण रूप से बढ़ा है। कुल संख्या में, वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में हाउसहोल्ड लोन बढ़कर 75 लाख करोड़ रुपए हो गया था, जो कि वित्त वर्ष 2020-21 में 73.59 लाख करोड़ रुपए था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 के लिए हाल ही में जारी इंडिया डेट और इनवेस्टमेंट सर्वे (एआईडीआईएस) रिपोर्ट ने 2012 और 2018 के बीच ग्रामीण और शहरी परिवारों के बीच डेट की औसत राशि में वृद्धि दिखाई है। एसबीआई की शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 को समाप्त छह साल की अवधि के लिए ग्रामीण और शहरी परिवारों के लिए डेट की औसत राशि में क्रमशः 84 फीसद और 42 फीसद की वृद्धि हुई थी। 

राज्य-वार रुझान बताता है कि 2018 को समाप्त छह साल की अवधि के लिए 18 राज्यों में ग्रामीण परिवारों का औसत कर्ज दोगुना से अधिक हो गया, जबकि सात राज्यों में शहरी परिवारों के लिए ऐसा ही देखा गया। एआईडीआईएस रिपोर्ट 2018 के अनुसार,  ग्रामीण परिवारों में कर्ज की औसत राशि 59,748 रुपये थी और शहरी परिवारों में यह 1.20 लाख रुपये थी। 

एसबीआई की शोध रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में, ग्रामीण हाउस होल्ड डेट 1.16 लाख रुपये और शहरी 2.33 लाख रुपये तक बढ़ने की उम्मीद है, जिससे यह साफ पता चलता है कोविड ​​​​ने हाउसहोल्ड को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है।


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