देशभर में सरकार तैयार कर रही 28 दमदार हाइवे

वायुसेना के लिए करेंगे रनवे का काम


नई दिल्ली

भारतीय वायुसेना के वेस्टर्न सेक्टर में राष्ट्रीय राजमार्ग 925ए है। जगह है राजस्थान का जालौर। पाकिस्तान सीमा से सिर्फ 40 किलोमीटर दूर यह सड़क भारतीय वायुसेना के लिए हवाई पट्टी बन गई है, जिसने भारत की वायु शक्ति को नई धार दी है। पहली बार कोई राष्ट्रीय राजमार्ग वायुसेना के विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए खासतौर पर बनाया गया है। हाईवे वाली हवाई पट्टी पर लैंडिंग का शुभारंभ भारतीय वायु सेना के दमदार विमान सुखोई 30 एमके आइ ने किया। इसके बाद वायुसेना के सी 130 जे सुपर हरक्यूलिस ने टचडाउन किया। साथ ही वायुसेना के जगुआर जेट ने अपना दमखम दिखाते हुए जालौर के हाईवे पर दौड़ लगाई। विमानों को कंट्रोल करने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर भी यहां मौजूद है। भारतीय वायुसेना के लिए बना यह खास हाईवे देश के लिए सरहद पर शक्ति पथ जैसा है। भारत के पश्चिमी सेक्टर में यह सेना के लिए एक बड़ा रणनीतिक बूस्टर है। युद्ध की स्थिति में इसे बैकअप रनवे की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। वास्तव में यह इमरजेंसी लैंडिंग स्टिप हैं। जंग में कभी-कभी दुश्मन देश रनवे पर बम गिराकर चले जाते हैं तो तीन चार घंटे के लिए रनवे प्रयोग में नहीं लाया जा सकता। उस समय जो हवाई जहाज हवा में होते हैं, उन्हें उतारने के लिए यह इमरजेंसी लैंडिंग स्टिप बनाई गई है। युद्ध जैसी परिस्थितियों में यह हवाई पट्टी आपात इस्तेमाल और प्रभावी रनवे बैकअप का काम कर सकती है। 

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