देश के 34 जिलों में कोरोना का खौफ

त्योहारों को लेकर सरकार की चेतावनी

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नई दिल्ली

आगामी त्योहारी मौसम के मद्देनजर सरकार ने बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण में वृद्धि के प्रति आगाह करते हुए वैक्सीन स्वीकृति, कोविड-19 अनुकूल आचरण, जिम्मेदार के साथ यात्रा और जिम्मेदारीपूर्वक त्योहार मनाने का आह्वान किया। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक अधिकारी ने कहा, “कुल मिलाकर कोविड-19 मामलों में स्थिरता है और केरल में भी मामलों में गिरावट दर्ज की गई है...आने वाले दो-तीन महीनों में, हमें सतर्क रहने की जरूरत है कि कोई उछाल न आए... यह त्योहारों का भी वक्त है और वह समय भी है जब संक्रामक जुकाम के मामले भी बढ़ते हैं…। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि सतर्क रहें और उस लाभ को बरकरार रखें जो हमने (महामारी प्रबंधन में) हासिल किया है।” 

आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा, “… अचानक से जनसंख्या घनत्व बढ़ना वायरस के प्रसार के लिए बेहद अनुकूल अवस्था होती है। यदि जनसंख्या घनत्व में अचानक वृद्धि होती है तो वायरस इसे प्रसार के लिहाज से बहुत उपयोगी पाता है, इसलिए समय की मांग है- वैक्सीन स्वीकृति, कोविड-उपयुक्त व्यवहार, जिम्मेदार यात्रा और जिम्मेदारीपूर्वक उत्सव मनाना।” सरकार ने कहा कि भारत की 20 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक लग चुकी हैं जबकि 62 प्रतिशत को टीके की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है। सरकार के मुताबिक देश के 34 जिलों में साप्ताहिक संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ज्यादा है जबकि 32 जिलों में यह आंकड़ा पांच से 10 प्रतिशत के बीच है। सरकार ने कहा कि भारत में पिछले हफ्ते सामने आए कोविड-19 के कुल मामलों में से 67.79 प्रतिशत केरल से सामने आए और यह देश का एक मात्र राज्य है जहां संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख से ज्यादा है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा, “कुल मिलाकर स्थिरता है और केरल में भी मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। मिजोरम को लेकर जरूर चिंता है लेकिन हमें उम्मीद है कि तेजी से टीकाकरण से स्थिति में सुधार होगा तथा महामारी प्रतिक्रिया प्रभावी है।” उन्होंने कहा, “आने वाले दो-तीन महीनों में हमें सतर्क रहने की जरूरत है कि कोई बढ़ोतरी न हो और पता चलने पर इसे कम किया जा सके। जब लोग अनुमान लगाते हैं कि चुनौती कब बढ़ेगी तो वे अक्टूबर और नवंबर को उन महीनों के रूप में इंगित करते हैं और यह त्योहारों का मौसम है तथा इसके साथ ही इस समय संक्रामक जुकाम के मामले भी बढ़ते हैं… तो आने वाली तिमाही में हम सभी से सावधान रहने और उस लाभ को बरकरार रखने का अनुरोध करते हैं जो हमने हासिल किया है।”


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