असेट पूलिंग में लीप इंडिया नंबर वन

sunu mathew

लीप (LEAP) का मतलब है “Leading Enterprise In Asset Pooling”। भारतीय आपूर्ति श्रृंखला में जगह बनाने के अपने सपने को साकार करने का फैसला करते हुए 2013 में लीप - इंडिया की स्थापना  सुनू मैथ्यू ने की। इससे पूर्व वह 20 साल तक वे Lo’real और CHEP जैसी मल्टीनेशनल में कार्यरत रहे। सुनू मैथ्यू  ने अपने प्रारंम्भ की पढ़ाई भिलाई से पूर्ण की। उसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली और फिर IIRM और IIM-(C) से MBA की पढ़ाई पूरी की।

सुनू अपने परिवार के पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने नौकरी छोड़ व्यवसाय करने का साहसिक कदम उठाया। आज वे देश की सबसे अग्रणी और सफल आपूर्ति नेटवर्क कंपनी लीप इंडिया के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।

सफलता के लिए धैर्य व सामान्य ज्ञान जरूरी

सुनू अपनी सफलता का श्रेय अपने पास मौजूद 2 प्रमुख गुणों को देते हैं, पहला गुण है धैर्य और दूसरा गुण सामान्य ज्ञान की शक्ति है। उनका मानना ​​है कि भले ही आपके पास डिग्री हो पर आपके पास अपने ज्ञान का उपयोग करने का साहस न हो तो आपका ज्ञान व्यर्थ है। उनका कहना है कि साथ ही हमें विकलांग मानसिकता के बजाय एक सामान्य मानसिकता रखने की आवश्यकता है, क्योंकि जिसकी मानसिकता विकलांग होगी, वास्तव में उसका अवचेतन मन उसे सीधे निर्णय लेने से हतोत्साहित करता है। सुनू ने बताया कि एक बार जब आप अपनी औसत बुद्धि से आश्वस्त हो जाएं, तब आगे बढ़ें और निर्णय लें। कोई यह नहीं कहता कि आपके द्वारा लिए गए सभी निर्णय सही साबित होने चाहिए लेकिन यदि सब निर्णय गलत ही होंगे यह सोचकर अगर आप दसों निर्णय नहीं लेते हैं तो यह सरासर गलत होगा| सुनू ने बताया कि इसी विचारधारा और मानसिकता से वे आगे बढ़े जिसके परिणामस्वरूप उनका पहला निवेश जनवरी 2015 के महीने में मेफील्ड से आया था और तब से अब तक उन्होंने लगभग 700 करोड़ रुपए  विभिन्न निवेशकों के जरिए जुटा लिए हैं| सुनू ने बताया कि कंपनी का सालाना कारोबार 3 सौ करोड़ का है।

भारतीय बाजार में 75% हिस्सेदारी

आज, लीप इंडिया भारतीय बाजार में 75% हिस्सेदारी के साथ  अग्रणी रेंटल प्रदाता (पैलेट और कंटेनर) कंपनियों में से एक है। लीप इंडिया के संचालन के दायरे में रणनीतिक प्रबंधन, लकड़ी की सोर्सिंग, वितरण और चैनल मार्केटिंग, बिक्री और आपूर्ति श्रृंखला इत्यादि का समावेश है। लीप इंडिया की सेवाएं ग्राहकों को उनके मुख्य व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने और कैपेक्स पर रिटर्न को बढ़ाने में सहायक होती हैं। LEAP आपूर्ति श्रृंखला की उन सभी गतिविधियों का ध्यान रखती है जो OPEX  के जरिए संचालित होती हैं। ओपेक्स सेवा का मुख्य लक्ष्य सर्विस सेवा के खर्च पर नियंत्रण रखना और लागत को कम करना है।

एंड-टू-एंड सर्वश्रेष्ठ सेवा देना लक्ष्य

बेहतर आपूर्ति नेटवर्क, बेहतर आवर्तन चक्र ग्राहकों को समर्थन देने के लिए  LEAP का केंद्रिय प्रयास निरंतर जारी है, चाहे वे कहीं भी हों। LEAP की क्षमता संपत्ति और इन्वेंट्री के प्रबंधन में निहित है और यह स्मार्ट समाधानों के साथ लॉजिस्टिक्स चुनौतियों का समाधान करते हैं। अपने ग्राहकों को उत्पादों की आवाजाही के लिए एंड-टू-एंड सर्वश्रेष्ठ सेवा देना ही लीप का लक्ष्य रहता है। इसके अलावा उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं को परिभाषित करके अपने ग्राहकों के लिए राष्ट्रव्यापी परिचालन कार्यों की सुविधा प्रदान करते हैं।

चार कड़ियों को जोड़ती है लीप

लीप चार कड़ियों को जोड़ती है जिससे हमारे रोजमर्रा की हर वस्तुएं उपलब्ध होती हैं। यह चार कड़ियां [Supplier -> Manufacturer -> 3 PL ->Retailer] हैं। इन चारों के Supply chain को जोड़कर LEAP अनगिनत व्यर्थ व्यय को बचाता है जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहता है और और लागत भी कम होती है। इस चारों से वस्तुएं सस्ती होती हैं और वस्तुओं के सस्ती होने से हम अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अपना माल बेच पाते हैं। यानि हम इंटरनेशनल मार्केट में मूल्य को लेकर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

पैन इंडिया में 500 ग्राहक

शुरुआती दिनों में LEAP ने ऑटोमोटिव  के पुर्जे को पूल (जमा) करना शुरू किया, ऑटोमोटिव के सभी घटक जो पहले ओईएम के लिए कार्टन में आते थे, वास्तव में उनके द्वारा उन्हें ऑटोमोटिव क्रिएट्स और ऑटोमोटिव FLC (फोल्डेबल लार्ज कंटेनर) से बदल दिया गया था। लीप इंडिया के फाउंडर और एमडी सुनू मैथ्यू जब ग्राहकों को मूल्य प्रदान करने में सक्षम हो गये तब ओईएम ने कहा कि वे कार्डबोर्ड बॉक्स से अब दूर हो गए हैं और अब वे पर्यावरण अनुकूल सामग्री चाहते  हैं। सुनू बहुराष्ट्रीय कंपनियों को पैलेट सप्लाई करने के लिए आगे बढ़े और इसके शुरुआती ग्राहक मोंडेलेज और एलजी थे। आज इसकी 75% से अधिक बाजार में हिस्सेदारी और 500 से अधिक ग्राहक पैन इंडिया में हैं।


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