सस्ते नहीं होंगे पेट्रोल-डीजल

nirmala sitharaman

लखनऊ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने का यह सही समय नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकतर राज्य इस विचार से सहमत हैं। मतलब ये कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक झटका है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं। इस वजह से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। यही वजह है कि पेट्रोल और डीजल के जीएसटी दायरे में लाने की उम्मीद की जा रही थी।  

केरल, महाराष्ट्र का विरोध: इससे पहले कई राज्यों की ओर से पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि मौजूदा कर प्रणाली को उन राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता बनाए रखने के लिए नहीं बदला जाना चाहिए जो पहले से ही कोविड -19 महामारी के कारण वित्तीय संकट में हैं।

कोरोना दवाओं पर छूट बरकरार: वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि कोरोना से जुड़ी दवाओं पर जीएसटी छूट जारी रहेगी। ये छूट 31 दिसंबर 2021 तक के लिए है। वहीं, जीवन-रक्षक दवाओं पर भी जीएसटी छूट का फैसला लिया गया है। 


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