पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देगी सरकार

 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग जांच प्रक्रिया से संतुष्ट

uddhav thackeray

मुंबई 

साकीनाका में महिला से बलात्कार के बाद हुई मौत प्रकरण में पुलिस की तरफ से की गई त्वरित जांच पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संतोष व्यक्त किया है। आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदार ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार इस प्रकरण में पूरा न्याय देगी और इस तरह की घटनाओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। 

सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस घटना के संबंध में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग उपाध्यक्ष अरुण हलदार को चर्चा के बुलाया। उन्होंने आयोग से कहा कि इस घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान कर पीड़िता के बच्चों का उचित तरीके से पालन-पोषण किया जाएगा। सह्याद्रि गेस्ट हाउस में हुई बैठक में गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल, मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, पुलिस महासंचालक संजय पांडे सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित महिला के बच्चों को यूं ही छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार को महिला बाल कल्याण विभाग की मनोधैर्य योजना सहित सामाजिक न्याय विभाग की तरफ आर्थिक सहायता दी जाएगी। 

उन्होंने महिला के बच्चों की शिक्षा और पालन पोषण के बारे में संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान आयोग के उपाध्यक्ष हलदार ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि जो निराश्रित व अनाथ महिला सड़कों पर रहती हैं, उनके लिए राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर घरकुल योजना शुरु करने पर विचार करना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की मदद की। उन्होंने त्वरित जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर भी संतोष जताया। उन्होंने पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रशासन ने यह दिखाने के लिए अच्छे कदम उठाए हैं कि हम पीड़ित महिलाओं को न्याय दिला सकते हैं। 

 राजा ठाकरे की तत्काल नियुक्ति

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी और निर्देश दिया था कि मामला अदालत में जाने से पहले एक विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाए। इसके बाद इस मामले में जाने- माने वकील राजा ठाकरे को तुरंत पुलिस आयुक्त द्वारा नियुक्त किया गया।

 सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क का विस्तार

सह पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे-पाटिल ने कहा कि मुंबई शहर में 5 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 7 हजार कैमरे लगाने का काम शुरु है। शहरों के सभी मॉल, संस्था, दुकानों को सड़कों की दिशा की तरफ कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। इस तरह शहर में तकरीबन 50 हजार कैमरे कार्यरत हैं।


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