परमबीर ने रिपोर्ट में छेड़छाड़ करने के लिए दी रिश्वत

 NIA की चार्जशीट से खुलासा

NIA

मुंबई

प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर मिली विस्फोट से भरी कार मामले में और उस कार के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चार्ज शीट दायर कर दी है। इस चार्ज शीट में  मुंबई पुलिस के साथ काम कर चुके ईशान सिन्हा नाम के एक साइबर एक्सपर्ट का परमबीर सिंह पर दिया गया सनसनीखेज बयान दर्ज है। इसमें यह दावा किया गया है कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने जांच की रिपोर्ट में छेड़छाड़ करवाने की कोशिश की थी। इसके लिए उन्होंने पांच लाख रुपए की रिश्वत भी दी थी, जबकि वह पैसे लेना नहीं चाह रहे थे। परमबीर ने जांच रिपोर्ट में आतंकी संगठन जैश-उल-हिंद का नाम और उससे जुड़ा पोस्टर शामिल करने को कहा था। ईशान सिन्हा नाम के इस साइबर एक्सपर्ट ने 25 फरवरी के दिन एंटीलिया विस्फोटक मामले की जांच की थी और उससे संबंधित अपनी रिपोर्ट मुंबई पुलिस को सौंप दी थी।

अंबानी के एंटीलिया आवास के बाहर 24-25 फरवरी की रात एक विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियों कार बरामद हुई थी। उस कार में जिलेटिन की छड़ों के अलावा एक धमकी भरा पत्र भी मिला था। इस घटना की जिम्मेदारी जैश-उल-हिंद नाम के आतंकी संगठन ने एक टेलीग्राम चैनल से स्वीकार की थी। मार्च 2021 में इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई।

  सिंह ने रिपोर्ट में ऐड करवाया जैश उल हिंद का नाम

एनआईए की चार्जशीट में दर्ज बयान में साइबर एक्सपर्ट ने बताया है कि क्राइम ब्रांच के अधिकारियों की ट्रेनिंग से जुड़े कार्यक्रम के सिलसिले में नौ मार्च को उनकी मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह से मुलाकात हुई। साइबर एक्सपर्ट ने परमबीर सिंह को बताया कि उन्होंने इसी साल जनवरी में इजराइल दूतावास के बाहर हुए विस्फोट के मामले में दिल्ली पुलिस को जांच में मदद की थी। उस हमले की जिम्मेदारी जैश उल हिंद ने तिहाड़ जेल में पाए गए एक फोन नंबर पर टेलीग्राम मैसेज के माध्यम से ली थी। परमबीर सिंह ने एंटीलिया विस्फोटक मामले में भी ऐसी ही एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा, यानी परमबीर सिंह एक फर्जी रिपोर्ट बनवा कर यह साबित करना चाह रहे थे कि मुकेश अंबानी को धमकी भरा पत्र दिल्ली के तिहाड़ जेल से आया है और यह पत्र आतंकी संगठन जैश उल हिंद की ओर से भेजा गया है।

साइबर एक्सपर्ट ने कहा है कि, ‘परमबीर सिंह ने मुझसे पूछा कि मैं लिखित रूप में ऐसी रिपोर्ट दे सकता हूं क्या? मैंने कहा कि, यह काम गोपनीय है और दिल्ली पुलिस के विशेष कक्ष से किया गया है। इसलिए ऐसी कोई भी रिपोर्ट देना ठीक नहीं है। परमबीर सिंह ने कहा कि बेहद अहम वजह से वे यह रिपोर्ट उनसे मांग रहे हैं। मैं उन्हें ऐसा रिपोर्ट बना कर दूं। परमबीर सिंह उस वक्त एनआईए के आईजी से इस पूरे मामले में बात करने वाले थे।’

 एनआईए ने परमबीर को बचाया: मलिक

राकांपा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता और अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि परमबीर सिंह के जरिए अनिल देशमुख के खिलाफ घटनाक्रम बुना गया। एनआईए ने परमबीर सिंह को बचाने का आश्वासन दिया था, इसी वजह से एनआईए ने चार्जशीट में परमबीर सिंह को आरोपी नहीं बनाया। उन्हें बचाने के लिए अनिल देशमुख पर झूठे आरोप लगाने की साजिश रची गई।

मलिक ने कहा कि एनआईए ने जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें साइबर एक्सपर्ट के माध्यम से बोगस सबूत तैयार करने के लिए 5 लाख रुपए पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने दिए थे। ऐसा साइबर एक्सपर्ट ने कहा है।

उन्होंने कहा कि एनआईए जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें जो मुख्य आरोपी हैं, उनकी जांच नहीं हुई। उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। एक्सटॉरशन के लिए यह पूरी साजिश सचिन वझे ने रची थी, हम नहीं मानते कि यह पूरा सच है। इससे काफी कुछ बाहर आ सकता था, लेकिन एनआईए ने कुछ भी जांच नहीं की और कुछ लोगों को बचाने का काम किया। 


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