‘श्रीकृष्ण’ बनते-बनते... बन गया ‘युधिष्ठिर’

‘हमारा महानगर’ के साथ विशेष बातचीत में बोले गजेंद्र चौहान

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मुंबई

लोकप्रिय धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान 1200 से अधिक धारावाहिकों और 350 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं, लेकिन उनकी आज भी पहचान युधिष्ठिर के रूप में होती है। 'हमारा महानगर' में सदिच्छा भेंट देने आए गजेंद्र चौहान ने खुलासा किया कि महाभारत में उनका चयन श्रीकृष्ण की भूमिका के लिए हुआ था, लेकिन बाद में यह भूमिका नीतीश भारद्धाज ने निभायी। युधिष्ठिर की भूमिका मिलने का उन्होंने दिलचस्प किस्सा सुनाया। गजेंद्र चौहान ने कहा कि निर्देशक रवि चोपड़ा सहित सभी लोगों ने मुझे युधिष्ठिर की भूमिका के लिए फाइनल कर दिया था, लेकिन अंतिम फैसला पंडित नरेंद्र शर्मा को लेना था। मुझे युधिष्ठिर के कास्ट्यूम में पंडित शर्मा के घर ले जाया गया। पंडितजी उस वक्त पूजा में व्यस्त थे। पूजा खत्म होने के बाद उन्होंने मेरी तरफ एक नजर देखा और खामोश हो गए। वे महाभारत में कुछ प्रसंगों को याद करने लगे और थोड़ी देर बाद कहा कि यही है मेरा युधिष्ठिर। युधिष्ठिर की भूमिका के जरिए गजेंद्र चौहान घर-घर, हर घर तक जा पहुंचे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें खुद फोन कर भाजपा की सदस्यता दिलाई, तभी से वे बिना किसी अपेक्षा के भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं। भाजपा के स्टार प्रचारक गजेंद्र चौहान गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी काम कर चुके हैं, वे कहते हैं कि भाजपा के लिए हर राज्य में जाकर चुनाव प्रचार कर चुका हूं। पार्टी से कुछ मांगा नहीं, जो मिला उसे खुशी से स्वीकार किया, क्योंकि पार्टी मेरे खून में है।

एफटीआईआई का शानदार सफर

गजेंद्र चौहान को पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट का चेयरमैन बनाया गया। इस पर काफी विवाद हुआ, लेकिन वे खामोशी से अपने काम में लगे रहे। तकरीबन सवा साल के कार्यकाल में उन्होंने ऐसा काम किया जो पिछले कई सालों में नहीं हुआ था। चौहान ने सबसे पहले इंस्टीट्यूट के दरवाजे आम लोगों के लिए खोल दिए। इंस्टीट्यूट के काम की चाहत में वे खुद दिल्ली फाइल लेकर जाते और काम करा कर वापस लौटते। उनका सबसे बड़ा काम इंस्टीट्यूट के छात्रों को मिलने वाले डिप्लोमा को मास्टर डिग्री में तब्दील करना रहा। यह काम उन्होंने मात्र 27 दिनों में पूरा कर दिखाया। लंबे समय से खाली पदों को भरा गया और सुरक्षा को बढ़ाया गया। चौहान ने बताया कि इंस्टीट्यूट में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा था। न्यायालय के आदेशानुसार फिल्म समाप्त होने के बाद राष्ट्रगीत होना चाहिए, लेकिन इंस्टीट्यूट में ऐसा नहीं हो रहा था, लेकिन जब मैं इंस्टीट्यूट का चेयरमैन बना तो हमने फिल्म दिखाए जाने के बाद राष्ट्रगीत को अनिवार्य किया। उन्होंने इंस्टीट्यूट परिसर में सिगरेट और शराब के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया और छात्रों की 75 फीसदी उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया गया।  

मेरी बाहों में ली मेजर ध्यानचंद ने अंतिम सांस  

दिल्ली में पले-बढ़े गजेंद्र चौहान अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) में नौकरी करते थे। वे वहां सिटी स्कैन विभाग के प्रभारी थे। सिटी स्कैन विभाग तब बेहद चुनिंदा अस्पतालों में ही था। वे याद करते हुए कहते हैं कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का एम्स में इलाज चल रहा था। मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक से मेरे पारिवारिक संबंध थे। वे किसी काम से नीचे चले गए और मुझसे मेजर ध्यानचंद का ध्यान रखने को कहा, तभी उनकी तबियत बिगड़ने लगी और मैंने उन्हें थाम लिया। मेरी हाथों में उन्होंने अंतिम सांस ली।    

रामायण-महाभारत ने संस्कृति को सहेजा

अभिनेता गजेंद्र चौहान ने कहा कि महाभारत धारावाहिक ने मुझे एक पहचान दी और देश को धरोहर और संस्कृति दी। 80 की दशक में शुरू हुई रामायण और महाभारत धारावाहिक से देश की जनता को बहुत कुछ सिखाया। रामायण ने सिखाया कि क्या करना चाहिए और महाभारत ने सिखाया क्या नहीं करना चाहिए। अंग्रेजों ने देश को आर्थिक गुलाम बनाया तो मुगलों ने देश की संस्कृति को कमजोर कर दिया था, लेकिन रामायण और महाभारत धारावाहिक ने देश की संस्कृति को बढ़ावा देने का काम किया।

पीएम मोदी देश को समर्पित

उनका कहना है कि पिछले सात साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जो काम हुआ, वो बीते कई सालों में नहीं हुआ, क्योंकि पीएम मोदी देश की जनता को अपना परिवार मानते हैं। मोदी के नेतृत्व में कुछ ऐतिहासिक निर्णय लिए गए चाहे वो धारा 370 रद्द करने का या उनके कार्यकाल में शुरू हुआ श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य। इसके साथ ही कई योजनाओं के जरिए गरीब और सामान्य जनता का विकास हो रहा है। 

 यूपी में करेंगे चुनाव में प्रचार

चौहान ने कहा कि अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा के चुनाव में भाजपा का दोबारा सत्ता लाने के लिए चुनाव का प्रचार करने जाऊंगा। चुनाव प्रचार के दौरान पिछले पांच साल में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जो विकास काम हुआ है, उसे जनता को बताऊंगा। योगी आदित्य नाथ की सरकार में प्रदेश में कानून -व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है

बॉलीवुड पर कोरोना की मार

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पिछले डेढ़ साल से राज्य सहित पूरे देश की जनता संघर्ष से जूझ रही है। इससे फिल्म में काम करने वाले अछूते नहीं रहे। बड़े कलाकारों के साथ-साथ धारावाहिक की शूटिंग के दौरान काम करने वाले बड़ी संख्या में आर्टिस्ट और  कर्मचारी बेरोजगार हो गए। फिल्मों की शूटिंग बंद होने के कारण उन्हें काम नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि कुछ महीनों से देश के कई राज्यों में धारावाहिक की शूटिंग की अनुमति मिलने के बाद कुछ लोगों को काम मिला है। बॉलीवुड से जुड़े सर्वाधिक लोग अंधेरी पश्चिम में रहते हैं, लेकिन मौजूदा समय में अधिकतर लोगों के पास काम न होने के कारण बड़ी संख्या में फ्लैट खाली पड़े हैं।


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